अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भारतीय संविधान और महिलाओं के मुक्ति दाता बाबा साहब अम्बेडकर को नमन किया गया

कोरबा। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भारतीय संविधान और महिलाओं के मुक्ति दाता बाबा साहब अम्बेडकर को नमन किया गया।
सामाजिक संस्था सिद्धार्थ लोक कल्याण समिति,सृष्टि इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर ,आदिवासी विकास मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में कोरबा के घंटाघर में स्थित डॉ बाबा साहब की मूर्ति के समक्ष 8मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह का आयोजन किया गया समारोह की मुख्य अतिथि जिला न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश वर्ग 2 श्रीमती शीतल निकुंज,अध्यक्षता छ ग राज्य कृषि एवं ग्रामीण बैंक के पूर्व चेयरमैन देवेन्द्र पांडे ,संचालन मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष गोपाल ऋषिकर भारती,संयोजक गोवर्धन सिंह कंवर,विशेष अतिथि आदिवासी विकास मोर्चा की जिला संयोजक गायत्री कंवर, महिला सशक्तिकरण क्षेत्र में कार्यरत सुश्री जी रानू शर्मा, अलायन्स क्लब की नेत्री भगवती अग्रवाल,मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा की केंद्रीय सचिव पल्लवी धावनकर ,भुविस्थपित,किसान नेता फुलेश्वर प्रसाद सुरजैया, जिला न्यायालय के कोर्ट मैनेजर राजेन्द्र भार्गव,समाज सेविका इंदु सिंह, श्रीमती कमला बारेठ, बहुजन गाईका लक्ष्मीन विश्वकर्मा,केंद्रीय सचिव इंजिनियर रामफल मांड्रे,केंद्रीय प्रतिनिधि सुनील सुना,रूपा महिलांग,जिला संयोजक क्रांति कुमार साव कुर्मी गभेल समाज के अध्यक्ष आर के वर्मा, तथा दूसरे सत्र में कोरबा के वरिष्ठ वकील तथा संविधान के जानकार हस्तियां बड़ी संख्या में पहुंचकर महिला दिवस की अहमियत को समझते रहे।मुख्य अतिथि जस्टिस श्रीमती शीतल निकुंज ने अपने उदबोधन में कहा कि आज भी अधिकांश महिलाओं को कानून और भारतीय संविधान में दिए गए अधिकारों की जानकारी ना होने के कारण उनकी बदहाली और तकलीफों का बड़ा कारण बना हुआ है हम शासन की ओर से मुफ्त में उनके लिए सलाह और वकील दिलाते है उसकी भी जानकारी नहीं होती महिलाओं को ।मझे आज इस संयुक्त मंच पर आप लोगों ने बुलाकर जो सम्मान दिया उसके लिए मैं आप सबका शुक्रिया अदा करती हूं और इस अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पुनः आप सबको हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ग्रामीण बैंक के पूर्व चेयरमैन देवेन्द्र पाण्डेय ने महिला शक्ति दिवस की बधाई देते हुए भारत के संविधान से देश की एकता और समरसता पर अपने विचार रखे तथा बाबा साहब अम्बेडकर के संविधान से देश की महिलाओं और सम्पूर्ण समाज को मिले अधिकारों के लिए उनको नमन करते हुए उनके कारवा को बढ़ाने वालों को बधाई दी।इसी तरह सभी वक्ताओं और सिंगर कलाकारों ने अपने विचार गीतों से जाग्रति कार्य किए।कार्यक्रम में सर्वप्रथम संविधान निर्माता की मूर्ति पर मुख्य अतिथि ,अध्यक्ष के साथ सभी ने फूलों से स्वागत किया दूर संविधान की शपथ लेकर नारी शक्ति जिंदाबाद के नारे लगाए ,उसी तरह महिलाओं की प्रथम शिक्षिका गुरुमाता सावित्री फुले की फोटो पर भी फूलों से स्वागत किया।महिला सशक्तिकरण क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को सम्मान में उन्हें पुरस्कार दिए गए तथा सबके लिए भोजन की व्यवस्था की गई।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और वकीलों ने उपस्थिति दी।जिनमे प्रदेश सचिव उपेन्द्र राठौर,अहमद खान,प्यारे दास महंत,बरत दास महंत,रीमा नवरंगे,गायत्री साहू,संतोष बंजारे,पन्नालाल बांधे,शीतला साहू,चंद्रमा देवी,निहाल पाल,आयुसी पाल,लक्ष्मीन महंत,रविकुमार,पुष्पा राव गोंड, कौसिल्या लदे र,सगनी बाई,मल्लेश्वरी,त्रिवेणी साहू,नेमुन्निशा,त्रिवेणी रंगारी,तारा सोनी,समुद्री बाई,दीपा मानिकपुरी,अनीता पांडे, मिना महंत, करुणा महंत,बेबी गुप्ता,सोम बाई,अभिजीत,प्रदीप कुमार राठौर,समेलाल,नारायण दास,शिरीन, शैरुन निशा,तिकेश्चरी निर्मलकर,रोज लीना मशिह,त्रिवेणी रजवाड़े, रीना महंत, सुक्रांती,बिरादमती,ममता केशरी, शिवरानी,पार्वती,उषा ठाकुर, बिसाहिन, मंगली, ज्योति,..विकास चौहान, श्रीराम लक्की, विनोद, हरी, रूखमणी, गौरीशंकर, संगीता,मधु, प्रीति राय, किरण तिवारी, उर्मिला पाटले, स्वाति दुबे, खातून बेगम, संतोष नेताम, रेखा चौहान, सुशील देवांगन, आन्नू पूर्णिमा सनियारो लकड़ा, वंदना सिंह, वीना महतो, गायत्री केवट, सरोज पांडेय, समा प्रवीण, माखनलाल बारेठ, चुन्नीलाल महतो, बाबी गबेल, आशा श्रीवास, लक्ष्मी सिंह, धनरजिया, उर्मिला यादवअंजुशरण के साथ बड़ी संख्या में दिव्यांग और कुष्ट आश्रम के भी लोग उपस्थित थे।

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