कांग्रेस ने यात्री ट्रेनों को चालू नहीं किए जाने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी, केशरवानी ने पूछा कहां जा रहा है छत्तीसगढ़ का कोयला ?

बिलासपुर। यात्री ट्रेनों को बंद किए जाने और स्टॉपेज समाप्त किए जाने को लेकर कांग्रेस आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए सड़क पर उतर आई है। जनहित के मामले होने के कारण जबरदस्त जन समर्थन मिल रहा है। कई स्टेशनों पर प्रदर्शन करने के बाद जिला कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में कोटा रेलवे स्टेशन के सामने जमकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान श्रीकेशरवानी ने रेल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यात्री गाड़ियां शीघ्र शुरू नही की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और कोयले की ट्रेनों को रोक दिया जाएगा।

रेलवे स्टेशन के सामने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए श्रीकेशरवानी ने कहा कि जो काम ब्रिटिश काल में अंग्रेजों ने नही किया ऐसे जनविरोधी काम केन्द्र की भाजपा सरकार ने कर रही है। कोटा रेलवे स्टेशन समेत छत्तीसगढ़ के सैकड़ों महत्वपूर्ण ट्रेनो का स्टापेज रेल प्रशासन ने बन्द कर दिया। बिलासपुर से चलने वाली चालिस यात्री गाड़ियों पर रेल मंत्रालय ने ब्रेक लगा दिया है। रेल प्रशासन के तुगलकी फैसले से जनता में हाहाकार मच हुआ है। लेकिन केन्द्र सरकार बिजली संकट का अफवाह फैलाकर अडानी और अम्बानी के लिए कोयले गाड़ियों को चला रही है। उन्होंने कहा कोरोनाकाल में जब यात्री ट्रेन बंद थी तो केवल कोयले की गाड़ियां चल रही रही थी वो कोयला कहां गई ? रेल प्रशासन ने कोयला परिवहन के लिए कभी शेषनाग चलाकर गीनिज बुक में रिकार्ड दर्ज कराया तो..कभी सुदर्शन चलाकर लिम्का बुक में नाम कराया। दो साल बेरोक टोक कोयला परिवहन और उत्खनन तो हुआ लेकिन कोयला गया कहां। जनता को सब मालूम है। अंधेरगर्दी को किसी भी सूरत में बर्दास्त नही किया जाएगा। ब्लाक कांग्रेस आदित्य अवस्थी ने बताया कि रेल प्रशासन की दादागिरी को किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं करेंगे। कोटा स्टेशन का ब्रिटिश काल से ही महत्व रहा है। यहां छोटी बड़ी सभी गाड़िया रूकती रही है। लेकिन तानाशाह केन्द्र सरकार की नीतियों ने आदिवासी क्षेत्र की जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। धरना प्रदर्शन के बाद विजय केशरवानी की अगुवाई में उपस्थित सभी कांग्रेसी और स्थानीय लोगों के साथ स्टेशन मास्टर को जीएम के नाम मांग पत्र दिया गया। विजय केशरवानी ने कहा कि यदि रेल मंत्री बिलासपुर आते हैं तो कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल जनता की परेशानियों को सामने रखेगा। यदि जनता की मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया तो फिर उग्र आंदोलन करते हुए प्रदेश के हर रेलवे स्टेशन पर कोयले कि गाड़ियों को रोका जाएगा। इसके पहले जीएम कार्यालय का घेरावकर अंतिम चेतावनी दी जाएगी। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष कौशिक, जगदीश कौशिक, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष आदित्य अवस्थी समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी संबोधित किया।

00 सब्जियों का परिवहन बंद

विजय केशरवानी ने बताया कि यात्री गाड़ियों के बन्द होने से सबसे बुरा प्रभाव स्थानीय व्यापार पर पड़ा है। गरीबों का तो जीना मुश्किल हो गया है। रात्रि में लगने वाली बेलगहना सब्जी मण्डी बन्द हो गयी है। इससे ना केवल गरीब किसानों और आदिवासियों को नुकसान हुआ है। बल्कि बेलगहना से प्रदेश और प्रदेश बाहर जाने वाली गरीब किसानों की सब्जियां कौड़ी के मोल हो गयी है। कोटा जैसे आदिवासी क्षेत्र में यदि कोई गरीब बीमार हो जाए ..तो बिलासपुर पहुंचने में उसे 50 रूपयों की जगह पांच हजार रूपये खर्च करना पड़ता है। इस तुगलकी फरमान के खिलाफ प्रत्येक स्टेशन पर आंदोलन किया जा रहा है।

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