सत्या पॉवर का होगा विस्तार, जन सुनवाई 7 जुलाई को, दहशत में ग्रामीण, क्योंकि प्रदूषण को लेकर पहले से ही है परेशान

बिलासपुर। सेंदरी, कछार और लोफंदी समेत आसपास के दर्जनभर से ज्यादा ग्रामीणों की समस्या और बढ़ने वाली है। क्योंकि सत्या पॉवर एंड स्पात का विस्तार होने वाला है। पहले से ही प्रदूषण झेल रहे ग्रामीणों को दुगनी रफ्तार से प्रदूषण का सामना करना पड़ेगा। प्लांट के विस्तार के लिए 7 जुलाई को जनसुनवाई होने वाली है।

बिल्हा तहसील के ग्राम गतोरी एवं सेन्दरी में स्थापित मेसर्स सत्या पॉवर एण्ड इस्पात लिमिटेड को पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए 7 जुलाई 2022 को जन सुनवाई होने वाली है। ये जन सुनवाई गतोरी प्राथमिक-माध्यमिक शाला मैदान में दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। कम्पनी ने अपनी वर्तमान उद्योग की विभिन्न ईकाईयों के विस्तार के लिए पर्यावरण संरक्षण मण्डल रायपुर में आवेदन किया है। स्वीकृति के पूर्व आम जनता का अभिमत जानने के लिए यह लोक सुनवाई का आयोजन किया गया है। लेकिन जन सुनवाई के पहले ही आस पास के ग्रामीण लामबंद होने लगे है। पहले से ही प्रदूषण और अव्यवस्था झेल रहे ग्रामीण प्लांट का विस्तार नहीं चाहते। ग्रामीणों की माने तो कंपनी पहले की शर्तो का पालन नही कर रही है तो विस्तार किस बात की, कंपनी शर्तों के अनुसार न तो प्लांटेशन किया है और न ही प्लांट से उड़ने वाली डस्ट को रोक पाई है। आसपास के लोगो को रोजगार भी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों के हिस्से में केवल राखड़ और कोयले की डस्ट ही आ रही है। कंपनी पिछले 10 _ 12 साल में CSR मद से प्रभावित ग्रामीणों को कोई सुविधा दे पाई है। सत्या पॉवर के कारण सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि खराब हो चुकी है। जो किसान पहले सैकड़ों एकड़ जमीन में सब्जी की फसल लेते थे आज पूरी तरह से बंद कर चुके है। यही नहीं प्लांट के आसपास बसे कछार, सेंदरी, गतौरी, लोफदी, चुनकवा, नवागांव, निरतु समेत दर्जनभर गांव के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। लोगों के घरों में काला डस्ट उड़कर घरों को बर्बाद कर रहा है। डस्ट और राखड़ से दमा की बीमारी फैल रही है। अब प्लांट के विस्तार के बाद आसपास के पूरे क्षेत्र में पहले की तुलना में दुगना प्रदूषण होने वाली है।

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