महापौर ने बंगाली स्कूल के बच्चों को किताब और साइकिल का किया वितरण, कहा_ बच्चे कड़ी मेहनत कर अपना नाम रोशन करें

बिलासपुर। जिस तरह से रेलवे परिक्ष्ोत्र के इस बंगाली स्कूल का इतिहास पुराना है और इसे एक धरोहर के रूप में जाना जाता है, उसे ध्यान में रखते हुए लगन, मेहनत और त्याग की भावना अपनाकर आप लोगों को इतिहास बनाना है, ताकि शहर, प्रदेश और देश आप पर गर्व करे। ये बातें महापौर रामशरण यादव ने मंगलवार को रेलवे परिक्ष्ोत्र के बंगाली हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित प्रवेशोत्सव व नि:शुल्क साइकिल वितरण समारोह में स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहीं।

इस दौरान उन्होंने बच्चों को भविष्य में अपना नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया। समारोह में मुख्य अतिथि मेयर श्री यादव, एमआईसी सदस्य अजय यादव, राजेश शुक्ला समेत अन्य अतिथियों ने नव-प्रवेशी बच्चों को मिठाई खिलाकर व तिलक लगाकर शाला प्रवेश कराया। साथ ही स्कूल की 15 छात्राओं को शासन की नि:शुल्क सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल वितरित की। इसके अलावा बारिश के दिनों में भी बच्चों की पढ़ाई पर कोई प्रभाव न पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं को रैन कोर्ट बांटे गए।
इस अवसर पर मेयर श्री यादव ने कहा कि शहर का सबसे पुराना स्कूल अब अपनी 1०० वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। 1०० साल से यह बंगाली स्कूल का संचालन किया जा रहा है। यहां से लाखों छात्र-छात्राएं शिक्षित होकर आज कामयाबी की बुलंदी छू रहे हैं। शाला की समिति के सदस्य आज भी स्कूल का संचालन करने में अपना विश्ोष योगदान दे रहे हैं। ऐसे में यहां लगातार गुणवत्तायुक्त शिक्षा बच्चों को प्राप्त हो रही है। मेयर ने स्कूली बच्चों को किताबों का भी वितरण किया। इस दौरान पार्षद सांई भास्कर, स्कूल की शिक्षा समिति के अध्यक्ष अमर सरकार, महासचिव देवाशीष घोष, अमित चक्रवर्ती, पार्थो साहा समेत स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बच्चे मौजूद रहे।
00 एमआईसी मेंबर ने बेंच खरीदने दिए 1 लाख
एमआईसी सदस्य अजय यादव व पार्षद सांई भास्कर ने बंगाली स्कूल के विकास और बच्चों के बैठने के लिए बेंच खरीदने अपनी निधि से एक-एक लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस शिक्षण सत्र से यहां विद्या सागर इंग्लिश स्कूल का भी संचालन शुरू किया जा रहा है। ऐसे में अब क्ष्ोत्र के बच्चों को ज्ञान अर्जित करने के लिए दूर जाना नहीं पड़ेगा।

Author Profile

नीरजधर दीवान
नीरजधर दीवान
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments