सरकार का स्थानांतरण नीति तैयार, जिला और राज्य स्तर के स्थानांतरण के लिए बनाए गए है अलग_अलग नियम, पढ़े पूरा स्थानांतरण नीति…

रायपुर। सरकार के मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने स्थानांतरण नीति का मसौदा तैयार कर लिया है। जल्द ही इसी नीति के अनुसार प्रदेशभर में स्थानांतरण की जाएंगे। नई नीति के अनुसार जिलों के भीतर तबादले 16 अगस्त से 15 सितंबर तक और राज्य स्तर के तबादले 16 सितंबर से 30 सितंबर के बीच करने की अनुशंसा की गई है। यही नहीं 31 सितंबर के बाद स्थानांतरण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया गया है।
गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, और परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर और उपसमिति के सदस्य मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, डॉ. प्रेमसाय सिंह, और अनिला भेड़िया ने बैठक लेकर तबादला नीति तैयार की है। इस तबादला नीति में किस तरह के प्रावधान किये गए है इसकी पूरी जानकारी निम्न प्रकार है_:

जिला स्तर पर स्थानांतरण 01 16 अगस्त 2022 से 15 सितम्बर तक जिला स्तर के तृतीय श्रेणी तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्थानांतरण जिले के प्रभारी मंत्रीजी के अनुमोदन से कलेक्टर द्वारा किये जाएंगे प्रभारी मंत्री के अनुमोदन उपरान्त स्थानांतरण आदेश तदानुसार प्रसारित होंगे। कलेक्टर यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थानांतरण किये जाने वाले पद जिला संवर्ग का है तथा स्थानांतरण करने का अधिकार जिला स्तर पर है। स्थानांतरण प्रस्ताव संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी द्वारा विस्तृत परीक्षण उपरान्त तैयार करने के बाद कलेक्टर के माध्यम से प्रभारी मंत्री को प्रस्तुत किये जाएंगे। प्रभारी मंत्री के अनुमोदन उपरान्त जिले के कलेक्टर द्वारा आदेश प्रसारित किये जाएंगे। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों की कुल संख्या के अधिकतम 10 प्रतिशत एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में अधिकतम 10 प्रतिशत तक स्थानांतरण किये जा सकेंगे । स्थानांतरण के समय ध्यान रखा जाए कि यदि अनुसूचित क्षेत्रों के शासकीय सेवक का गैर – अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण करने का प्रस्ताव है तो उसके एवजीदार का भी प्रस्ताव (जो गैर – अनुसूचित क्षेत्र से हो) अनिवार्यतः रखा जाए। आशय यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में जितने प्रतिशत पद रिक्त हैं शहरी क्षेत्रों में लगभग उसी के अनुरूप पद रिक्त रह सकें। ऐसी स्थिति निर्मित न हो कि शहरी क्षेत्रों में लगभग सभी पद भरें हो तथा ग्रामीण क्षेत्रों में काफी रिक्तियाँ बनी रहें। जिन पदों एवं स्थानों पर अधिकारी / कर्मचारी का आधिक्य है, ऐसे स्थानों से स्थानांतरण न्यूनता ( Deficit ) वाले स्थान हेतु हो। किसी भी परिस्थिति में न्यूनता ( Deficit ) वाले स्थान से आधिक्य वाले स्थान में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। ताकि संतुलन बना रहे एवं कमी वाले क्षेत्रों में पदों की पूर्ति हो सके। ऐसे शासकीय सेवक जो एक ही स्थान पर 15 अगस्त 2021 अथवा उससे पूर्व से कार्यरत हों केवल उन्हीं के स्थानांतरण किये जायेंगे। दिव्यांग शासकीय सेवकों की पदस्थापना यथासंभव आवागमन की दृष्टि से सुविधाजनक स्थान पर की जाए।

राज्य स्तर पर स्थानांतरण_: 16 सितम्बर से 30 सितम्बर 2022 तक विभाग द्वारा स्थानांतरण किये जा सकेंगे। विभाग द्वारा स्थानांतरण प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी के स्थानांतरण विभाग के मंत्रीजी के अनुमोदन से ही किये जा सकेंगे। जिला स्तर पर स्थानांतरण आदेशों का क्रियान्वयन 15 दिवस के भीतर तक सुनिश्चित किया जाएगा तथा स्थानांतरण पश्चात् नवीन पदस्थापना स्थान पर निर्धारित अवधि 15 दिन में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर संबंधित अधिकारी / कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। स्थानांतरण संबंधी उपरोक्त निर्देशों का पालन कराना कलेक्टर का दायित्व होगा। 2.5 राज्य स्तर पर स्थानांतरण प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत अधिकारियों की कुल संख्या के अधिकतम 15-15 प्रतिशत तथा तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत अधिकारियों की कुल संख्या के अधिकतम 10-10 प्रतिशत तक स्थानांतरण किये जा सकेंगे। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का स्थानांतरण प्रतिशत की गणना में जिला स्तर पर किये गये स्थानांतरण संख्या शामिल होगा। विभागीय मंत्रीजी से अनुमोदन प्राप्त करने हेतु स्थानांतरण प्रस्ताव सीधे विभागाध्यक्ष से मंत्रीजी को प्रस्तुत नहीं करेंगे। प्रस्ताव / नस्ती आवश्यक रूप से अपर मुख्य सचिव / प्रमुख सचिव / सचिव / विशेष सचिव ( स्वतंत्र प्रभार ) के माध्यम से ही विभागीय मंत्री को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किये जाएंगे और अनुमोदन उपरान्त आदेश तदनुसार विभाग द्वारा प्रसारित किये जाएंगे। विभागों का यह दायित्व होगा कि यदि अनुसूचित क्षेत्रों के शासकीय सेवक का गैर – अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण करने के प्रस्ताव है, तो उसके एवजीदार का भी प्रस्ताव (जो गैर- अनुसूचित क्षेत्र से हो) अनिवार्यतः रखा जाए। शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्तियों का जो असंतुलन ( इमबैलेंस ) है उसे संतुलित ( बैलेंस ) करने का विशेष ध्यान रखा जाए। आशय यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में जितने प्रतिशत पद रिक्त है शहरी क्षेत्रों में लगभग उसी के अनुरूप पद रिक्त रह सकें। ऐसी स्थिति निर्मित न हो कि शहरी क्षेत्रों में लगभग सभी पद भरें हो तथा ग्रामीण क्षेत्रों में काफी रिक्तियाँ बनी रहे। जिन पदों एवं स्थानों पर अधिकारी / कर्मचारी का आधिक्य है से स्थानों से स्थानांतरण न्यूनता ( Deficit ) वाले स्थान हेतु हो। किसी भी परिस्थिति में न्यूनता ( Deficit ) वाले स्थान से आधिक्य वाले स्थान में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा ताकि संतुलन बना रहे एवं कमी वाले क्षेत्रों में पदों की पूर्ति हो सके। दिव्यांग शासकीय सेवकों की पदस्थापना यथासंभव आवागमन की दृष्टि से सुविधाजनक स्थान पर की जाए। सामान्यतः स्थानांतरण द्वारा रिक्त होने वाले पद की पूर्ति उसी पद के समकक्ष अधिकारी की पदस्थापना से की जाए। वरिष्ठ अधिकारी का स्थानांतरण कर उस पद का प्रभार कनिष्ठ अधिकारी अथवा अन्य विभाग के अधिकारी को न दिया जाए। 2.10 जिन कर्मचारियों की नियुक्ति विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा स्थानीय निवासी होने के आधार पर जिला विशेष में किये गये हैं , उनका स्थानांतरण उस जिले के बाहर नहीं किया जावेगा। किन्तु अधिसूचित जिलों में परस्पर ( आपसी ) स्थानांतरण किये जा सकेंगे । 2.11 विभागीय सचिव यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थानांतरण आदेश पूर्व परीक्षण आधारित हों और उनका क्रियान्वयन 15 दिवस के भीतर किया जाएगा तथा स्थानांतरण आदेश निरस्त नहीं किये जाएंगे । स्थानांतरण पश्चात् नवीन पदस्थापना स्थान पर निर्धारित अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर संबंधित अधिकारी / कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।

स्कूल शिक्षा विभाग के लिए विशेष उपबंध – ऐसे स्थानांतरण नहीं किये जायेंगे जिनके फलस्वरूप कोई स्कूल शिक्षक विहीन या एकल शिक्षकीय हो जाये । ऐसे स्थानांतरण नहीं किये जायेंगे जिनके फलस्वरूप किसी स्कूल में किसी विषय को पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या शून्य हो जाये । अनुसूचित क्षेत्र के शासकीय सेवक का गैर अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण होने पर उसके स्थान पर एवजीदार के जा जाने के उपरांत ही उसे कार्यमुक्त किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अनुसूचित क्षेत्र के रिक्त पद भरे जाएं । छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर एवं सरगुजा संभाग में शासकीय योजनाओं के सुचारू रूप से क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर की जाए। ऐसे स्थानांतरण नहीं किये जायेंगे जिनके फलस्वरूप किसी स्कूल में छात्र शिक्षक अनुपात 40 से अधिक या 20 से कम हो जाये । अनुसूचित क्षेत्रों से कोई भी स्थानांतरण एवजीदार की पदस्थापना किये बिना नहीं किया जायेगा । स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी / हिन्दी माध्यम स्कूल एवं कार्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ किसी भी कर्मचारी का स्थानांतरण बिना प्रतिनियुक्ति समाप्त किये नहीं किये जायेंगे । स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्रथम श्रेणी , द्वितीय श्रेणी , तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी अधिकारियों / कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत् कर्मचारियों की कुल संख्या के अधिकतम 5 प्रतिशत तक स्थानांतरण किये जा सकेंगे।

विशेष टीप : उपर्युक्त स्थानांतरण अवधि के पश्चात किसी भी प्रकार का स्थानांतरण आदेश यदि निरस्त या संशोधित किया जाना हो तो ऐसे निरस्तीकरण / संशोधन आदेश का प्रस्ताव समन्वय में प्रस्तुत किये जायेंगे तथा समन्वय में अनुमोदन पश्चात् ही निरस्त / संशोधित किये जा सकेंगे। स्थानांतरण पर छूट की अवधि में भारसाधक सचिव द्वारा विधिवत अनुमोदन उपरान्त निरस्त अथवा संशोधन किये जा सकेगा । परिवीक्षाधीन अधिकारी / कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जावेगा। स्थानांतरित स्थान पर पद रिक्त नहीं होने पर उक्त स्थानांतरण स्वयमेय निरस्त माना जावेगा । स्थानांतरण पर प्रतिबंध ई संवर्ग से टी संवर्ग एवं टी संवर्ग से ई संवर्ग में स्थानांतरण नहीं किये जायेंगे , अर्थात अपने – अपने संवर्ग में ही स्थानांतरण किये जा सकेंगे । ई संवर्ग से टी संवर्ग एवं टी संवर्ग से ई संवर्ग में किये स्थानांतरण शून्य माना जावेगा अर्थात् उक्त स्थानांतरण प्रभावशील नहीं होंगे । सहायक शिक्षक , शिक्षक , व्याख्याता एवं प्राचार्य संवर्ग के स्थानांतरण के संबंध में शाला विशेष में शैक्षणिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण किया जाएगा । शैक्षणिक व्यवस्था से यहां आशय शाला में कक्षावार विद्यार्थियों की संख्या , विषयवार शिक्षकों की स्वीकृत पदों की संख्या तथा उसके विषयवार कार्यरत शिक्षकों की संख्या से है । किसी भी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्रों की शालाओं में स्थानांतरण को प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा। जिला स्तर तथा विभाग स्तर से क्रमशः दिनांक 16 अगस्त , 2022 तथा दिनांक 30 सितम्बर , 2022 के पश्चात् स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। किन्तु अत्यंत आवश्यक परिस्थिति में प्रतिबंध की अवधि में समन्वय में अनुमोदन उपरांत ही स्थानांतरण किया जा सकेगा । समन्वय में आदेश प्राप्त करने हेतु जो प्रस्ताव प्रस्तुत किया जावे , उसमें संबंधित विभाग द्वारा प्रस्तावित होने वाले शासकीय सेवकों के संबंध में संलग्न प्रपत्र में जानकारी दी जावे तथा प्रस्ताव में इस बात का आवश्यक रूप से उल्लेख किया जाए कि प्रदेश में प्रश्नाधीन श्रेणी के कुल कितने शासकीय सेवक पदस्थ है , तथा प्रस्तावित स्थानांतरण को सम्मिलित करते हुए कुल कितने स्थानांतरण अब तक हो चुके हैं तथा उसका प्रतिशत कितना है ।

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नीरजधर दीवान
नीरजधर दीवान
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