महिला के अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, रिश्तेदार ने ही की थी हत्या, घरेलू विवाद को लेकर रखने लगा था रंजिश

रायगढ़। एसपी अभिषेक मीना ने अपने कार्यालय में 14 अक्टूबर को एक पत्रकारवार्ता में विगत दिनों गोरखा में एक महिला की हुई हत्या के मामले का खुलासा किया। स्थानीय पत्रकारों से चर्चा के दौरान बताया कि हत्या मृत महिला के रिश्तेदार ने ही किया है। घरेलू समस्या को लेकर आरोपी महिला से रंजिश रखता था।

कोतरारोड़ के ग्राम गोरखा मे रहने वाली अधेड उम्र की महिला की निर्मम हत्या कि 10 अक्टूबर को हुई थी। ग्राम के कोटवार ने मोबाईल फोन के जरिये इसकी सूचना निरीक्षक चमन सिन्हा को दिया था। यहां हिम बहादुर गुरूम के पत्नी मीरा गुरूम (43 वर्ष) को उसी के घर मे किसी ने धारदार हथियार से मारकर हत्या कर दिया था। महिला के गले, गाल, भौं के ऊपर गम्भीर चोट के निशान थे। मृतिका की लडकी डाली गुरूंग पिता हिम बहादुर गुरूंग ने पूछताछ में बताया कि 8 अक्टूबर से उसके पिता एवं उसकी छोटी बहन संतोषी नेपाल गये हुए हैं। 11 अक्टूबर की सुबह 08/00 बजे छोटा भाई सुरज काम करने जिंदल कम्पनी चला गया था और 10:30 बजे यह अपने सहेली के साथ चन्द्रपुर मंदिर दर्शन करने चली गई थी। घर में इसकी मां मीरा गुरूंग अकेली थी कि शाम 04:30 बजे घर आई तो कमरे का दरवाजा ढका हुआ था जिसे धक्का देकर खोली तो देखी घर के परछी में मां खुन से लथपथ मरी पडी थी। कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार हथियार से हत्या कर भाग गया था।
अप0क्र0 306/2021 धारा 302 भा0द0वि0 कायम किया गया। अपराध की पतासाजी किया जा रहा था इसी तारतम्य मे घटना के दिन ही महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे थे, जो संदेही आरोपी की घटना दिनांक को उपस्थिति का पता चलने पर थाना चक्रधरनगर क्षेत्र ग्राम नावापाली से घेराबंदी कर पूछताछ हेतु थाना कोतरा रोड लाया गया था। कडाई से पूछताछ के दौरान संदेही आरोपी पूर्णचन्द जैपुरिया पिता सहदेव जैपुरिया उम्र 48 वर्ष सा0 बेलडीपा थाना हिमगीर जिला सुन्दरगढ उडीसा ने बताया कि वर्ष 2012 मे बेलडीपा मे भाई लक्ष्मण जैपुरिया एवं पदमन जैपुरिया के साथ मिलकर जमीन संबंधी विवाद के चलते रिश्ते के भतीजे माधव जैपुरिया की हत्या किये थे। सुन्दरगढ जेल मे लगभग 10 वर्ष निरूद्ध रहा, पेशी के दौरान सुन्दरगढ न्यायालय से फरार होकर मै उत्तर प्रदेश चला गया था जहां चार माह रहा बाद मे वापस आया। तब टपरिया (उडीसा) मे गिर0 हुआ। जेल मे 10 वर्ष रहने पश्चात आज से 06 माह पुर्व जेल से रिहा हुआ। रिहा होने के बाद अपने भाई के साथ पचपेडी हिमगीर (उडीसा) मे 03 माह रहा उसके बाद वहां से आकर अपने पत्नी और बच्चो के साथ करीब डेढ माह पतरापाली थाना कोतरा रोड मे रह रहा था। इसी दौरान मैं अपने जमीन खेत को 10,000 रू0 मे गिरवी रखकर पैसे को पत्नी को दिया था तथा जेल मे रहने के दौरान ही जेल के अंदर दरी-गमछा बनाकर कुछ पैसा कमाता था उन पैसो को भी मेरी पत्नी और बच्चे मुझसे मिलने के दौरान उनको पैसे दे देता था।
पतरापाली मे रहने के दौरान मेरी पत्नी बच्चे मुझे छोडकर गोरखा जहां मेरी डेढ सास रहती है उन्ही के घर के पास चले गये थे। जहां मै उनसे मिलने का प्रयास किया लेकिन मेरी पत्नी एवं बच्चे मेरे साथ रहने के लिए तैयार नही हुये। मुझे गाली गुफ्तार कर भगा दिये। मृतिका मेरी डेढ सास मीरा गुरूंग द्वारा मेरी पत्नी और बच्चो को मेरे खिलाफ भडकाते रहती थी। उसी के भडकाने के कारण मेरे पत्नी और बच्चे मेरे साथ रहने के लिए तैयार नही थे और इधर-उधर भटक रहा था। मेरी पत्नी को मृतिका डेढ सास साथ मे बिठाकर शराब पीलाती थी इसी के कारण मेरा रहने का ठिकाना नही था मै बरबाद होते जा रहा था। इसी कारण मेरी मृतिका डेढ सास से बदला लेने का सोच रहा था कि 11 अक्टूबर को नवापाली से सुबह करीबन 09/00 बजे टंगिया लेकर सायकल से निकलकर ग्राम गोरखा डेढ सास के घर गया। मुझे मालूम था मेरी डेढ सास के पति, लडका और लडकी काम करने बाहर चले जाते है इस कारण लगभग 11/00 बजे उनके घर गया। घर पहुंचते ही मेरी डेढ सास मृतिका द्वारा मुझे देखकर गाली गलौच करने लगी। जिससे मै गुस्से मे आकर हाथ मे रखे टंगिया से मेरी डेढ सास के गले, सिर और बांह मे 07-08 बार वार किया वहां से दरवाजा खींचकर भागकर अपने सायकल से वापस निकला। रास्ते मे टंगिया और कपडा को गोरखा के देवलाश के पास झाडी मे फेंक दिया। वहां से नवापाली वापस चला गया बताया । आरोपी के निशानदेही पर हत्या मे प्रयुक्त टंगिया और पहने कपडे तथा सायकल को जप्त किया गया है। रिमाण्ड पर भेजा जायेगा।

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नीरजधर दीवान
नीरजधर दीवान
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