बिलासपुर। तोरवा के ब्यापारी पर हुए जानलेवा हमले को लेकर ब्यापारी लामबंद होने लगे है। ब्यापारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे है। ब्यापारी शहर के कानून ब्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की तैयारी में है।
छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स, बिलासपुर मर्चेंट एसोसिएशन, हिन्दू संगठन, रोटरी क्लब और बिलासपुर सिंधी सेंन्ट्रल पंचायत ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर घटना पर कड़ी आपत्ति जताई। चेम्बर के जिलाध्यक्ष संजय मित्तल ने शहर में बिगड़ती कानून व्यवस्था और असमाजिक तत्वों के बुलंद होते हौसले पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा तोरवा के एक व्यापारी पर जानलेवा हमला बताता है ऐसे लोगों में कानून का डर नही रह गया है। जमीन खून खराबा और आतंक फैलाया जा रहा है। इसे जल्दी रोक जाना चाहिए।
सिंधी समाज के संरक्षक डीडी आहूजा ने अब तक कि कार्यवाही पर संतोष जताया। वही ऐसी घटना रोकने आपराधिक प्रवृत्ति वालो में फिर कानून का भय पैदा करने की आवश्यकता बतायी। अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती व्यापारी मनोज उभरानी पर प्राणघातक हमले का मुख्य आरोपी ऋषभ पनिकर फरार बताया जा रहा है। प्रेसवार्ता में मौजूद सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष पीएन बजाज ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा पिछले एक साल से शहर में हालात ठीक नही है।लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। मामले में मुख्यमंत्री से मिलने की बात कही। पत्रकारों से व्यापारियों ने यह कहने से गुरेज नही किया कि सभी तरह के गैर कानूनी घटनाओं और कार्यो के लिए जिले का राजस्व विभाग जिम्मेदार है। वह प्रकरणों का समय पर निराकरण और फरियादियों की नही सुन रहा। जिससे असमाजिक तत्व जानलेवा हमला करने से भी नही चूक रहे। व्यापार बिहार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद मेघानी चेंबर ऑफ कॉमर्स के नवनीत अरोरा सिंधी समाज के संरक्षक प्रकाश ग्वालानी डॉक्टर ललित माखीजा ने भी प्रेस को संबोधित किया। गौरतलब है कि 11 अप्रैल 2022 दिन सोमवार शाम को तोरवा थाना क्षेत्र में मनोज उभरानी पर ऋषभ पनीकर एवं अन्य असामाजिक तत्वों / गुंडों के द्वारा जानलेवा हमला किया गया था। इस जानलेवा हमले में वो बुरी तरह से घायल हुए और किसी तरह अपनी जान बचाया। इसी आरोपी के द्वारा 40-50 साथियों के साथ मिलकर मनोज उभरानी के परिवार के अन्य सदस्यों के साथ 9 फ़रवरी २०२२ को भी धमकाने एवं आतंकित करने का कार्य किया गया। इस बाबत तोरवा थाना में रिपोर्ट भी दर्ज कराया गया था। तब छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स की ओर से फरवरी २०२२ में पुलिस महानिरिक्षिक को पत्र लिखकर आरोपी के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु लिखा गया था। लेकिन समय पर उचित कार्यवाही न करने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हुए और इस जानलेवा हमले में तब्दील हो गया।
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