बिलासपुर। बिल्हा थाने से पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। यहां पुलिस ने बेटे के सामने बाप को इतना मारा की बेटा बर्दास्त न कर सका और ट्रेन के सामने कूदकर आत्म हत्या कर ली। आज इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने थाने में जमकर बवाल मचाया। लेकिन सवाल ये है की क्या जवान बेटे की जिंदगी अब वापस आएगी ? क्या आईजी इसी को फ्रेंडली पुलिसिंग कहते है ?
मामला बिल्हा थाने का है जहां भैंसगोड़ का रहने वाला युवक हरिश्चंद्र गेंदले अपनी मोटरसाइकिल में जा रहा था तभी एक छोटा सा हादसा हो गया। इसी बात को लेकर पुलिस घर पहुंची युवक हरिश्चंद्र के पिता को पुलिस उठाकर थाना लेकर पहुंची। पता चलने पर पीछे – पीछे युवक भी थाने पहुंच गया। थाना पहुंचते ही पुलिसकर्मी युवक के पिता से पुलिसिया अंदाज में गली गालौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। पिता को मार खाते देख युवक पुलिस के सामने गिड़गिड़ाने लगा, बार बार उन्हें छोड़ने के लिए मिन्नतें करने लगा। लेकिन पुलिसकर्मी उसकी एक न सुना। इसी बात को लेकर युवक हरिश्चंद्र विचलित हो गया और थाने से निकलकर रेलवे ट्रैक में पहुंच गया और ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। युवक के आत्महत्या की खबर गांव में आग की तरह फैल गई। पुलिस के इस अमानवीय कृत्य से गांव गुस्से से उबलने लगा और मंगलवार को सुबह होते ही ग्रामीण थाने पहुंचकर घेराव कर दिया। अक्रोशित ग्रामीण बिल्हा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिल्हा टीआई, चकरभाटा टीआई, सिरगिट्टी टीआई सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राहुल देव शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों मृतक के पिता हरिशंकर गेंदले से हुई मारपीट की सीसीटीवी फुटेज और आरक्षक को सस्पेंड करने मांग पर अड़े रहे। इस दौरान थाना परिसर में दोपहर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
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