लोरमी नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिरा, प्रस्ताव के पक्ष में केवल 6 पार्षद ही पहुंचे

लोरमी। मुंगेली जिले के लोरमी नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले भाजपा के 5 और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के 1 पार्षद मिलाकर कुल 6 पार्षद ही बैठक में उपस्थित हुए। कांग्रेस के सभी 9 पार्षद प्रस्ताव का विरोध करते हुए बैठक में ही नहीं गए।
23 जनवरी को लोरमी नगर पंचायत अध्यक्ष अंकिता रवि शुक्ला के खिलाफ भाजपा के पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था। आज अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए बैठक बुलाई गई थी। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए अधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए 15 में से कम से कम 8 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य किया था। लेकिन बैठक में लोरमी पंचायत के 15 सदस्यों में से 9 सदस्य अंकिता शुक्ला का समर्थन करते हुए बैठक में ही नहीं गए। इनमे से कांग्रेस के छह और 3 अन्य पार्षद शामिल थे। इस तरह नौ पार्षद बैठक में गए ही नहीं। बैठक स्थल पर मात्र छह पार्षद (5 भाजपा के और एक जोगी कांग्रेस के समर्थित पार्षद) ही मौजूद रहे। बैठक में इतनी कम संख्या अर्थात केवल 6 पार्षद उपस्थित रहने के कारण अविश्वास प्रस्ताव पर विचार और मतदान के लिए तैनात अधिकारी ने कहा कि ऐसी स्थिति में मतदान नहीं हो सकता। इस स्थिति में अविश्वास प्रस्ताव बुरी तरह ध्वस्त हो गया। क्योंकि प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने के लिए कोई पहुंचा ही नहीं केवल भाजपा के 5 और जोगी कांग्रेस का एक पार्षद ही बैठक में मौजूद था। इस स्थिति में अविश्वास प्रस्ताव स्वयमेव ध्वस्त हो गया। अविश्वास प्रस्ताव के ध्वस्त होते ही भारतीय जनता पार्टी और जोगी कांग्रेश के लोगों के चेहरे मायूस हो गए जबकि अध्यक्ष के समर्थित पार्षद और कार्यकर्ता उत्साह उमंग और जोश के साथ जीत के नारे लगाते रहे।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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