बिलासपुर। राहुल मोबाइल दुकान से चोरी हुए 45 में से ज्यादार मोबाइल अभी चल रहे है लेकिन साइबर सेल के पास IME नंबर होने के बावजूद चोरों को पकड़ नही पा रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस की टीम चोरों को पकड़ने हरियाणा तक गई लेकिन वापस लौट गई।

मनोहर टाकीज के सामने राहुल मोबाइल दुकान से सालभर पहले 45 मंहगे मोबाइल की चोरी हुई थी। दुकान संचालक ने पुलिस को सभी मोबाइल नंबर के IME नंबर उपलब्ध करा दिया था। आज की तारीख में लगभग सभी मोबाइल एक्टिवेट हो चुके है। लेकिन बिलासपुर के साइबर सेल इनका पता नही लगा पा रही है। विभागीय सूत्रों की माने तो पुलिस इस मामले को खात्मा बनाकर नमस्ते करने की तैयारी में है। जबकि पुलिस मोबाइल नंबर के IME नंबर के जरिए चोरों तक आसानी से पहुंच सकती है। विडंबना तो ये है कि पुलिस के आला अधिकारी लंबित मामलों को लेकर नियमित समीक्षा करते है लेकिन इस मामले में किसी अधिकारी ने मातहत से पूछताछ करने की जहमत नही उठा रहे है। आखिर चोरी के इस मामले में पुलिस इतनी निष्क्रिय क्यो है ? ये सवाल उठना स्वाभाविक है।
गौरतलब है कि सालभर पहले कार में सवार होकर आए चोरों ने मनोहर टाकीज के सामने राहुल मोबाइल से 45 नग वीवो, ओप्पो, एमआई और सैमसंग जैसी कंपनियों के एंड्राइड फोन की चोरी की थी। जिसकी कीमत 7 लाख रुपए से ज्यादा थी। चोरों ने इस रात शहर के तीन और मोबाइल दुकानों पर धावा बोला था जिसमे गांधी चौक स्थित अमर भगतानी की दुकान के अलावा राजीव गांधी चौक स्थित साई मोबाइल और कोनहेर गार्डन के सामने अजय मोबाइल में भी चोरी की घटना को अंजाम देने की कोशिश की थी। लेकिन कार में सवार होकर आए चोर इन दुकानों के अंदर घुसने में नाकाम रहे। केवल अजय मोबाइल से चोरों ने गल्ले से 20 हजार रुई पर करने में सफल हो गए थे।
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