बिलासपुर। कलेक्टर संजीव झा ने तखतपुर ब्लॉक के ग्राम नेवरा में 13 पशुओं के कथित तौर पर भूख से मरने की खबर को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई है। जिला पंचायत सीईओ ने मामले की जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी है। जिसके अनुसार पशुओं की मौत गोठान में न होकर बाजार स्थल के समीप एक पुराने पम्प हाऊस में हुई है जो कि गोठान से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं इस घटना पर साजिश की आशंका जाहिर करते हुए नेवरा गोठान समिति के अध्यक्ष रामचंद्र यादव ने भी कोटा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ थाने में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 429, पशुओं के प्रति कु्ररता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 एवं छग कृषिक पशु परिरक्षण संशोधन अधिनियम 2011 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
गोठान समिति के अध्यक्ष रामचंद्र यादव द्वारा आज थाने में जो रिपोर्ट दर्ज कराई है उसके अनुसार ग्राम पंचायत नेवरा के बाजार स्थल के पानी टंकी के पास एक पुराना पम्प हाऊस है। उसके अंदर 15 मवेशी मृत हालत में एवं 1 पशु जीवित हालत में पाया गया था। जिसे अज्ञात व्यक्ति के द्वारा लगभग 7-8 दिन पूर्व लाकर पम्प हाऊस के अंदर भरकर बाहर से दरवाजा लगा दिया गया था। मवेशियों को बिना खाना पानी के क्रूरता पूर्वक पम्प हाऊस के अंदर छोटे से कमरे में भर दिया गया। इसमें 15 मवेशी मृत हालत में एवं एक पशु जीवित हालत में पाया गया। जिला पंचायत सीईओ ने गोठान में पशुओं की मौत को सिरे से नकारते हुए खबर को असत्य एवं भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि नेवरा गोठान में चारे-पानी की पर्याप्त व्यवस्था आज भी उपलब्ध है। गोठान में चरवाहे की भी व्यवस्था की गई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की मदद से बंद कमरे से मृत पशुओं को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया और उन्हें दफनाया गया।
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