बिलासपुर। हाईकोर्ट द्वारा दिये गये आदेश के परिपालन में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अवनीश शरण ने जिले में कोलाहल प्रतिबंधित क्षेत्र (साईलेंस जोन) घोषित किये हैं। अत्यधिक शोरगुल से बीमार, बुजुर्ग, छात्रों सहित आम लोगों को राहत दिलाने के लिए हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान पीआईएल पर सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन को साईलेंस जोन घोषित कर इन पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं। जिला दण्डाधिकारी श्री शरण द्वारा 30 नवम्बर को जारी आदेश के अनुसार घोषित साईलेंस जोन में हाईकोर्ट बिलासपुर परिसर एवं इसके प्रारंभिक एवं अंतिम बिन्दु तक, जिला एवं सत्र न्यायालय तथा अन्य न्यायालय, समस्त शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सालय, समस्त शासकीय एवं अशासकीय शैक्षणिक संस्थान तथा समस्त शासकीय कार्यालयों एवं इनके 100 मीटर परिधि को शामिल किया गया है। आदेश के अंतर्गत भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सालय, शैक्षणिक संस्थान एवं कार्यालय भी शामिल होंगे। जिला दण्डाधिकारी ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 तथा ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम 2000 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कोलाहल प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किये हैं। उन्होंने सक्षम प्राधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन करने एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश भी दिए हैं।
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