मकबूल और प्रवीण की रणनीति ने दिलाई बिलासपुर में भाजपा को बड़ी जीत, मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, कार्यकर्ताओं में हो सकता है ऊर्जा का संचार

बिलासपुर। प्रदेश में भाजपा अप्रत्याशित जीत के बाद सरकार बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री कौन होगा इसको लेकर छोटे बड़े नेताओं से रायशुमारी की जा रही है। लेकिन बिलासपुर विधानसभा की बड़ी जीत को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टी के नेता हतप्रभ है। क्योंकि उन्हें जीत की उम्मीद तो थी लेकिन 29 हजार वोट से जीत की उम्मीद नहीं थी। इसको लेकर पूरे शहर में गुना भाग चल रहा है। चौक चौराहों में चर्चा भी हो रही है। लोगों की भीड़ जहां भी हो रही है वहां लोगों को लग रहा है लोग सट्टा का नंबर लिख रहे है लेकिन पास जाकर देखने से पता चलता है की भाजपा – कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने अपने वार्ड की मतदाता सूची लेकर बैठे है और जोड़ घटाव कर रहे है। अलग वार्डों में मिले वोटों की बार बार गिनती करके देख रहे है। लेकिन इस गुणाभाग में भाजपा प्रत्याशी अमर अग्रवाल के दो खास सिपहसालार प्रवीण दुबे और मकबूल खान की मेहनत और रणनीति नजरंदाज हो रही है। पिछला चुनाव हारने के बाद से ही ये दोनों अपने भैया को जिताने के लिए योजना बनाना शुरू कर दिया था और उस पर काम करना भी शुरू कर दिया था। इसके लिए दोनो ने अपनी अपनी जिम्मेदारी बांट ली थी। मुस्लिम समाज को मकबूल संभाल रहे थे जबकि हिन्दू समाज को प्रवीण दुबे संभाल रहे थे। दोनों अपनी अपनी टीम के साथ चार साल से पसीना बहाते रहे। जैसे उई चुनाव नजदीक आया अपने गोपनीय मुहिम से सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को जोड़ लिया। इसमें सभी वार्डों के पार्षद और हारे हुए पार्षद प्रत्याशी शामिल थे। प्रवीण और मकबूल सभी कार्यकर्ताओं को अपनी प्लानिंग और रणनीति के तहत निर्देश देते गए और कार्यकर्ता शिर झुकाकर उनके निर्देशों का पालन करते रहे। पांच साल की मेहनत आखिर रंग लाई और अमर अग्रवाल को 29 हजार वोट की ऐतिहासिक जीत मिल गई। इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय भले ही भाजपा के कई कार्यकर्ता ले ले, लेकिन वास्तविक श्रेय मकबूल और अम्बे ट्रेड सेंटर के मालिक प्रवीण दुबे को ही जाता है। भाजपा प्रत्याशी की इस बड़ी जीत में एक छोटी भूमिका दस्तगीर भाभा का भी है। प्रवीण और मकबूल से मिले दिशा निर्देश को भाजपा के अन्य कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने में भाभा की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है।
बताया जा रहा है की इस जीत के बाद दोनों को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। मकबूल को अल्प संख्यक आयोग का अध्यक्ष या वक्फ बोर्ड का चेयरमैन बनाया जा सकता है जबकि प्रवीण दुबे को निगम मंडल में स्थान मिल सकता है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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