ट्रैफिक तोड़ने वाले अब हो जाएं सावधान, सोमवार से ई चालान सीधे पहुंचेगा घर, कलेक्टर ने शीघ्र शुरू करने के दिए निर्देश

बिलासपुर। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले हो जाएं सावधान,क्योंकि ई चालान सीधे पहुंचेगा घर। आईटीएमएस प्रोजेक्ट के तहत ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले कैमरे में हो रहे ट्रेस जिन्हें ई चालान भेजा जाएगा। अब तक एनआईसी से इंटीग्रेटेड नहीं होने के कारण ई चालान की कार्रवाई रूकी हुई थी पर अब कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से इंटीग्रेटेड हो जाने के बाद कल से टेस्टिंग प्रारंभ कर दी जाएगी। आज कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने एमडी श्री कुणाल दुदावत के साथ कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का मुआयना कर सेंटर और आईटीएमएस की पूरी कार्यप्रणाली व संचालन को देखा। इस दौरान कलेक्टर श्री शरण कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में लगे स्क्रीन के ज़रिए पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों को ई चालान की कार्रवाई जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर अवनीश शरण ने आज स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत संचालित आईटीएमएस प्रोजेक्ट और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पहुंचे,जहां संचालन टीम ने कंट्रोल सेंटर के द्वारा किए जाने वाले कार्यों को विस्तार से बताया। सेंटर में लगे स्क्रीन के ज़रिए कलेक्टर ने चौक चौराहों की ट्रैफिक व्यवस्था को भी देखा,इस दौरान ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने वालों को आगे के चौक में पकड़कर चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए,इसके लिए कैमरे में ट्रैस हुए व्यक्ति की जानकारी आगे आने वाले चौक के पब्लिक एड्रेस सिस्टम में एनाउंस कर तैनात पुलिस कर्मी को देने के निर्देश ट्रैफिक विभाग को दिए साथ ही ई चालान की कार्रवाई शीघ्र शुरू करने को भी कहा,ताकि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन ना हो।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के ज़रिए की जा रही निगरानी और आधुनिक तकनीक से शहर में रोजाना 90 हजार लोग औसतन ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते पाए जा रहे हैं। अब ई चालान की कार्रवाई शुरू होने से इस पर कमी आने की उम्मीद है।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बिलासपुर में संचालित इंटेलिजेंट ट्रैफिक एंड मैनेजमेंट सिस्टम से पूरा शहर सुरक्षा के घेरे में आ चुका है। इससे पुलिस को जहां ट्रैफिक समेत अन्य अपराधिक मामलों को सुलझाने में आसानी हो रही है तो वहीं नागरिकों को इससे काफी मदद मिल रही है।
पहला केस- 21 सितंबर को सुबह 9 बजे तिफरा से आटो पकड़कर मंदिर चौक आई ज्योति सुर्यवंशी का बैग आटो में ही छूट गया था,जिसमें कपड़े और पैसे थे । सिविल लाइन थाने में सूचना देने पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के ज़रिए आटो को ट्रैस कर छूटे हुए सामान को बरामद किया गया।
दूसरा केस- 21 सितंबर को ही आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर भगवान सिंह का बैग धोखे से कोई दूसरा व्यक्ति रेलवे स्टेशन से ले गया था, स्टेशन के बाहर लगे कैमरे के वीडियों फुटेज में तस्वीर साफ नहीं थी। जिसके बाद सब इंस्पेक्टर ने कमांड सेंटर में संपर्क किया, सेंटर में मौजूद एएनपीआर सिस्टम से नंबर प्लेट स्पष्ट दिखने लगा जिसके बाद ट्रैस करके देवकीनंदन चौक में उक्त बैग की बरामदगी की गई।
तीसरा केस- तोरवा में रहने वाले सतीश कुमार व्यास का है,जिनका मोबाइल सीएमडी चौक में गिर गया था। थाने के ज़रिए कमांड एंड कंट्रोल में संपर्क करने पर मोबाइल को उठाने वाले व्यक्ति की पहचान उसके गाड़ी से की गई,घटना के तीन दिन बाद सतीश कुमार व्यास को गुम हुआ मोबाइल मिल गया।
चौथा केस-मगरपारा में रहने वाले व्यावसायी मिर्जा नदीम बेग के बड़े भाई को 21 सितंबर को दोपहर में सिविल लाइन थाना के पास अज्ञात चारपहिया वाहन ने ठोंकर मार दिया था। घटना के बाद आरोपी वाहन लेकर फरार हो गया था। छोटे भाई मिर्जा नदीम बेग की शिकायत के बाद पुलिस ने कमांड सेंटर के कैमरे के ज़रिए वाहन का पता लगाया और आरोपी और वाहन को थाने में लाकर कानूनी कार्रवाई की गई।

Author Profile

नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *