बच्चों में कुपोषण दूर करने स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग को कलेक्टर ने दिए समन्वय बनाकर काम करने के दिए निर्देश

बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण ने आज विभागवार समीक्षा के क्रम में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि कुपोषण का कुचक्र एक बच्चे के संपूर्ण जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है। इसे दूर करने महिला बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग समन्वित प्रयास एवं सहभागिता से कार्य करें ताकि हमारा जिला कुपोषण मुक्त हो सके। जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केन्द्र को 30 बिस्तर का बनाने प्रस्ताव तैयार करने कहा। आंगनबाड़ी केन्द्रों में कम्यूनिटी किचन गार्डन बनाने के निर्देश दिए। कुपोषण दूर करने के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों की सहभागिता सुनिश्चित करने कहा। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को जिला स्वास्थ्य समिति की नियमित बैठक कराने के निर्देश दिए। जिले के नागरिकांे को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने कहा। संस्थागत प्रसव की कम दर पर असंतोष जताते हुए इसे बढ़ावा देने के निर्देश दिए। विकसित भारत संकल्प यात्रा शिविर में जांच के दौरान मिल रहे सिकल सेल एनीमिया, बीपी और शुगर के मरीजों को दवा एवं पर्याप्त उपचार के निर्देश दिए।
जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए इसका प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु का अंकेक्षण उचित रूप से करने के निर्देश दिए। सिकलसेल एनीमिया मिशन उन्मूलन की समीक्षा करते हुए विकसित भारत संकल्प यात्रा शिविर में जांच के दौरान मिल रहे मरीजों को पर्याप्त उपचार मुहैया कराने कहा। टीबी उन्मूलन के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।आयुष्मान आरोग्य मंदिर की ब्रांडिग का कार्य 22 दिसम्बर तक हर हाल में पूरा करने कहा। महिला एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए आंगन बाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाल संप्रेक्षण गृह की जानकारी ली और नियमित निरीक्षण के निर्देश अधिकारियों को दिए। भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की समीक्षा की। जिले में कुपोषण की जानकारी लेते हुए अब तक किए गए प्रयासों की समीक्षा की। कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सही पोषणयुक्त भोजन देने पर जोर दिया। उन्हें आंगनबाड़ी केन्द्रों तक लाने सामुदायिक जागरूकता के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। पोषण ट्रैकर मानिटरिंग एप्प के जरिए कुपोषित बच्चों की सतत निगरानी करने कहा। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजेश शुक्ला, सिविल सर्जन अनिल गुप्ता, डीपीएम प्यूली मजूमदार, महिला एवं बाल विकास अधिकारी तारकेश्वर सिन्हा सहित दोनों विभाग के अधिकारी- कर्मचारी मौजूद थे।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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