राय और पाटले ग्रामीणों को गुमराह करके ज्ञापन सौंपने लाए थे कलेक्ट्रेट, democrecy.in के पास खुद चलकर आए ग्रामीण, जाने क्या कहा…

बिलासपुर। दूसरों की जमीन और मकान पर बलात कब्जा करने वाले कांग्रेस नेता नागेंद्र राय और टाकेश्वर पाटले अपना बचाव करने के लिए ग्रामीणों को अपना ढाल बना रहे है। लेकिन ग्रामीण खुद से सामने आकर अपनी बात रख रहे है….और उनकी करतूत का बखान कर रहे है।

कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष नागेंद्र राय और जिला सचिव टाकेश्वर पाटले मंगलवार को ग्रामीणों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने आए थे। साथ आए ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से संबंधित चर्चा करने के लिए लेकर आए थे। उन्हें किसी जमीन संबधी विवाद को लेकर ज्ञापन सौपना है करके नही बताया गया था। अखबारों और न्यूज पोर्टलों में समाचार छपने के बाद ग्रामीण को इसकी जानकारी हुई। आज कुछ ग्रामीण democrecy.in से संपर्क कर बताया कि उन्हें ज्ञापन से संबंधित कोई जानकारी नही दी गई थी। अविनाश दुबे का कहना है कि राय और पाटले से उनका अच्छा संबंध है, दोनों ने कहा कुछ कार्यक्रम को लेकर चर्चा करना है कलेक्ट्रेट पहुंचना है तो मैं आ गया था। किस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था मुझे नहीं पता। शाबिर भाई ने बताया कि उन्हें लगा कि मुख्यमंत्रीजी आने वाले है इसीलिए कार्यक्रम के लिए बुलाएं है करके आ गए थे। जमीन विवाद को लेकर ज्ञापन सौपने वाले है इसकी जानकारी नही थी। कुलदीप बंजारे ने बताया कि ज्ञापन के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नही थी। कार्यक्रम होने वाला है चलो घूमकर आते है करके लेके आए थे। ग्रामीणों की बात माने तो कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष नागेंद्र राय और टाकेश्वर पाटले ग्रामीणों को गुमराह करके कलेक्ट्रेट लाए थे और ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों की भीड़ दिखाकर दोनों जिला प्रशासन और दबाव बनाना चाह रहे है। गौरतलब है कि मंगलवार को दोनों लगभग दर्जनभर ग्रामीणों को लेकर आए थे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में दोनों ने कहा है कि खसरा क्रमांक 113 / 17, 20 / 3 तथा 77 / 7 भूस्वामी हर्षवर्धन, कीर्तिवर्धन स्वयं को भाजपा पदाधिकारी बताते हैं। क्रेता दीपक दुबे, संतराम कश्यप, संजय कश्यप, सुनील विश्वकर्मा भाजपा के पदाधिकारी हैं। रजिस्ट्री में गवाह बृजनंदन प्रसाद टंडन मस्तूरी विधायक का रिश्तेदार है तथा एक अन्य क्रेता सुमित्रा धुरी शिक्षाकर्मी है । आरोप है कि उपरोक्त खातों में खाताधारकों ने वास्तविक भूमि समाप्त हो जाने के बाद भी दस्तावेज में कूट रचना हेरफेर करके छल पूर्वक भूमि दर्ज की और उसे बेच दिया साथ ही भूमि के क्रय विक्रय में रुपयों के स्रोत की भी जांच होनी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वाले महमंद के उप सरपंच नागेंद्र राय ने कहा कि राष्ट्रीय राज्य मार्ग 49 पटवारी हल्का नंबर 25 राजस्व निर्माण मंडल सीपत, तहसील मस्तूरी में गलत तरीके से भूमि का अधिग्रहण हुआ है बेजा कब्जा धारियों को भूमि स्वामी बताकर पट्टा दे दिया गया। ऊंचे मूल्य पर मुआवजा दिया गया बाद में इन्हीं जमीनों के पीछे के हिस्से को प्लॉटिंग करके बेचा जा रहा है और आश्चर्य की बात यह है कि इस जमीन पर से नेशनल हाईवे निकला ही नहीं है। मांग की गई है कि पूरा भूमि घोटाला प्रथम दृष्टया भदौरा भूमि कांड से भी बड़ा है और क्षेत्र में खसरा नंबर 113 / 17, 20 / 3, 77 / 7 की जमीनों के क्रय विक्रय पर रोक लगाई जाए उच्च स्तरीय जांच समिति बैठाई जाए तथा तत्काल इस मामले में कलेक्टर संज्ञान ले। ज्ञापन में जमीन घोटाले के पीछे क्षेत्र के विधायक डॉ कृष्णमूर्ति बांधी को जिम्मेदार ठहराया है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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