पुलिस भर्ती प्रक्रिया में गंभीर खामी, गृह सचिव, DGP और व्यापम को नोटिस, 15 सौ पुरुषों को मिल सकता है लाभ, पढ़िए खबर…

बिलापुर। पुलिस भर्ती की प्रक्रिया में गंभीर खामी सामने आई है। यही कारण है हाईकोर्ट ने सरकार के गृह सचिव, DGP और ब्यापम को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी। यदि विज्ञापन की नियम शर्तो के अनुसार सूची जारी होगी तो लगभग 15 सौ पुरुष अभ्यर्थियों को लाभ मिल सकता है।
पुलिस महानिदेशक रायपुर ने सूबेदार, सब-इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर (विशेष शाखा), प्लाटून कमांडर, सब-इंस्पेक्टर (फिंगर प्रिंट), सब-इंस्पेक्टर (प्रश्नगत दस्तावेज), सब-इंस्पेक्टर (कंप्यूटर) और सब-इंस्पेक्टर (रेडियो) एवं प्लाटून कमांडर के लिए 975 पदों पर भर्ती के लिए 17 सितंबर 2021 को विज्ञापन जारी किया था। जिनमें से 247 पद प्लाटून कमांडर के लिए था। विज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख है की प्लाटून कमांडर के लिए महिला उम्मीदवार पात्र नहीं होंगी।
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर ने 16.05.2023 को 20 हजार 618 अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई है जो की मुख्य लिखित परीक्षा के लिए पात्र होंगे। सूची में याचिकाकर्ता सतीश कुमार कश्यप एवं तीन अन्य का नाम शामिल नहीं था, जिससे क्षुब्ध होकर सतीश कुमार कश्यप एवं तीन अन्य ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की।
याचिका में याचिकाकर्ता के वकील ने यह तर्क दिया की भर्ती प्रक्रिया में कुल रिक्तियों की संख्या 975 घोषित की गई थी जिसमें से 247 पद प्लाटून कमांडर के लिए विज्ञापित किए गए थे एवं महिला उम्मीदवार प्लाटून कमांडर के पद पर भर्ती के लिए पात्र नहीं होगी। इसलिए मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या 728 × 20 = 14560 होगी, और प्लाटून कमांडर के लिए 247 × 20= 4940 पुरुष अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए पात्र होंगे। लेकिन वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में 975 पदों के 20 गुना उम्मीदवारों की गिनती करके मुख्य परीक्षा के लिए योग्य योग्यता सूची तैयार की है। इसमें प्लाटून कमांडर के पद भी शामिल है और चयन सूची में महिलाओं के नाम भी है। प्लाटून कमांडर पद के लिए महिलाओं को सूची से बाहर करना होगा और उसमें पुरुषो के नाम जोड़ना चाहिए। लेकिन जारी सूची मनमाना और अवैध है। यदि सही प्रक्रिया लागू की जाएगी याचिकाकर्ताओं के नाम मुख्य परीक्षा के लिए योग्य उम्मीदवारों की मेरिट सूची में जगह पा सकते हैं।
दिनांक 16.05.2023 को मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए 20,618 उम्मीदवारों की चयन सूची घोषित की, जिसमे चयन सूची में 6013 महिला उम्मीदवारों के नामों पर मुख्य परीक्षा के लिए विचार किया गया है, लेकिन यदि सही प्रक्रिया नियम 2021 के अनुसार लागू किया जाएगा तो केवल 4368 महिला अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा के लिए पात्र हैं। यदि सही प्रक्रिया लागू होती है तो याचिकाकर्ता मुख्य परीक्षा के लिए पात्र होंगी।
यह कि छत्तीसगढ़ राज्य का अधिवास प्रमाण पत्र रखने वाली महिला अभ्यर्थियों को नियमावली में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान है। प्लाटून कमाण्डर के 728 पदों को छोड़कर महिला अभ्यर्थी पात्र है, विज्ञापित 728 पदों का 30 प्रतिशत कुल 218 पद हो जायेंगे, अत: नियम 6 के अनुसार विज्ञापित रिक्त पदों की संख्या से 20 गुणा अभ्यर्थियों पर मुख्य परीक्षा हेतु विचार किया जायेगा, अर्थात 218 पदों पर मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने वाली महिला अभ्यर्थियों की संख्या लगभग 218 × 20 = 4368 होगी, किन्तु 6013 महिला उम्मीदवारों पर विचार किया है, जिसके कारण बड़ी संख्या में पुरुष उम्मीदवार/याचिकाकर्ता मुख्य परीक्षा के लिए चयनित नहीं हो सके।
छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम, 2021 में भूतपूर्व सैनिको को 10% क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान है, 975 पदों का 10% कुल 97 होगा, इसलिए नियम के अनुसार 20 गुना उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए माना जाएगा, 97 पदों में से 20 गुना 1940 हो जाएगा, लेकिन चयन प्रक्रिया में केवल 517 भूतपूर्व सैनिकों ने आवेदन किया हो सकता है इसलिए मुख्य परीक्षा के लिए केवल 517 उम्मीदवारों पर विचार किया है, इसलिए शेष 1423 उम्मीदवारों के लिए मेरिट के आधार पर अभ्यर्थी को मुख्या परीक्षा में शामिल किया जाना था।
याचिका कि सुनवाई न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू के बेंच में हुई, जिसमे उच्च न्यायालय ने सचिव गृह विभाग मंत्रालय रायपुर, पुलिस महानिदेशक, रायपुर एवं सचिव छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के लिए खा है। याचिका की अगली सुनवाई 12 जुलाई को निर्धारित की है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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