बिलासपुर। बिलासपुर संभाग के शिक्षा विभाग में करोड़ों का प्रमोशन और ट्रांसफर घोटाला सामने आया है। ज्वाइन डायरेक्टर और एक विवादित बाबू ने इस घोटाले को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है। हालांकि शिकवा शिकायत के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांच के आदेश दिए है और संभागायुक्त भीम सिंह घोटाले की जांच करेंगे। अब देखना ये है की इस घोटाले में शामिल लोगों को क्या सजा मिलती है।
शिक्षा विभाग में इस ट्रांसफर घोटाले की चर्चा लंबे समय से चल रही थी। लेकिन पुख्ता प्रमाण सामने नहीं आ रहा था। बताया जा रहा है की शिक्षा विभाग में जैसे ही शिक्षको को प्रमोशन देने का आदेश आया JD ऑफिस में पदस्थ एक विवादित बाबू सक्रिय हो गया। इसके बाद प्रमोशन और ट्रांसफर को पारदर्शी दिखाने के लिए काउंसलिंग की योजना बनाई गई। शिक्षकों से बकायदा विकल्प मांगा गया की वो खुद बताएं की प्रमोशन के बाद वो कहां जाना चाहेंगे। लिहाजा शिक्षकों ने आवेदन के साथ विकल्प दिए। जब काउंसलिंग में बैठे पता चला कि जो विकल्प वो दिए है वहां पद ही खाली नहीं है। विवादित बाबू ने ऐसा खेल खेला की शहर और आस पास के स्कूलों में खाली पद नही दिखाया। लिहाजा बिलासपुर के शिक्षकों को जांजगीर, चांपा, मुंगेली, मरवाही ट्रांसफर कर दिया गया, इसी तरह हर जिले के शिक्षकों को दूसरे जिलों में फेंक दिया गया। इसके बाद विवादित बाबू ने ऐसे शिक्षको से सौदा करना शुरू कर दिया। एक शिक्षको से दो दो लाख रुपए वसूल किया गया और संशोधित आदेश निकलते रहे। शिक्षक भी मजबूरी में और परिवार को डिस्टर्ब करने के भय में बाबू को पैसा देते रहे। तरह से JD और विवादित बाबू ने 7 सौ शिक्षको के संशोधित आदेश निकाले। विभागीय सूत्रों की माने तो दोनो मिलकर लगभग 15 करोड़ रुपए का धंधा कर लिए। अब सात सौ शिक्षको से पैसा वसूलने के बाद इसकी चर्चा जोरों से होने लगी। जिन शिक्षकों ने पैसे नही दिए वे शिकवा शिकायत शुरू कर दिया। इसके बाद विभाग में बवाल शुरू हो गया।
दरसल हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलते ही बिलासपुर संभाग के 4600 शिक्षकों को पदोन्नति देने के लिए 28 अप्रैल से काउंसिलिंग शुरू की गई थी। इसमें 246० ई संवर्ग के शिक्षक और 999 टी संवर्ग के शिक्षकों ने काउंसिलिंग में भाग लिया। 28 अप्रैल से 4 मई तक बर्जेस हिंदी माध्यम स्कूल में टी संवर्ग और 28 अप्रैल से 12 मई तक संयुक्त संचालक कार्यालय तारबाहर में ई संवर्ग के शिक्षकों की पदोन्नति के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया चली। इसके बाद ट्रांसफर आदेश निकला गया। शिक्षकों से सौदा होते ही 13 मई से संसोधन का ख्ोल शुरू हो गया और 700 से अधिक शिक्षकों से लेनदेन कर दोबारा आदेश निकालकर उन्हें बिलासपुर और शहर के आसपास के स्कूलों में ज्वाईन करा दिया गया।
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