बिलासपुर। सिंचाई विभाग के विद्युत यांत्रिकी विभाग में एनिकट के गेट मरम्मत के नाम पर सुनियोजित भ्रष्टाचार किया जा रहा है। बिल्हा के मोहदा एनिकट में पहले आठ गेट निकालकर विभाग के वर्क शॉप में मरम्मत किया गया, फिर महीनेभर बाद ठेकेदार से 9 लाख 53 हजार रुपए में मरम्मत कराया गया। विभाग जिस महीने में गेट निकालकर मरम्मत करना बता रहा है उस समय का गुगल मैप एनिकट में भरपूर पानी दिखा रहा है। जब गेट निकालकर मरम्मत करने ले गए थे तो एनिकट में पानी रुका कैसे ? मतलब साफ है अधिकारियों ने केवल कागज में मरम्मत और फिर भुगतान कर दिए है।
सिंचाई विभाग का विद्युत यांत्रिकी विभाग एनिकट के गेट मरम्मत में बड़ा खेल कर रहा है। जीतने में नया गेट आ जाता है विभाग उतनी राशि में मरम्मत में खर्च करना बता रहे है। मनियारी नदी के मोहदा में बने एनिकट का एक मामला सामने आया है। बिल्हा ब्लाक के मोहदा में एक अनिकट 2009-10 में बनाया गया था। इस एनीकट में आठ गेट लगाए गए हैं। हर साल बारिश शुरू होने के पहले और बाद में एनिकट के सभी गेट का मरम्मत किया जाता है। नियमानुसार सिविल सब डिवीजन के अनुविभागीय अधिकारी ने 24 अप्रैल 2022 को विद्युत यांत्रिकी लाइट मशीनरी नलकूप गेट उपसंभाग सकरी को पत्र लिखा था। जिसमे गेट क्रमांक तीन का हेड एवं राड के अलावा एनिकट के गेटों की आयलिंग – ग्रीसिंग करने की आवश्यकता बताई गई थी। इस बीच कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उप संभाग बिलासपुर की ओर से 24 नवंबर 2022 को यूनिट प्रभारी सब इंजीनियर दयासिंह राठौर ने मौखिक रूप से जानकारी दी कि गेट से पानी निकल रहा है। तब एनिकट के सभी गेटों को निकालकर विभाग के वर्कशॉप में मरम्मत किया गया था। इसके बाद ईएंडएम ने लगभग एक महीने बाद NIC के माध्यम से 19 अक्टूबर 2022 को गेट मरम्मत के लिए निविदा आमंत्रित की। इसकी निविदा खुलने की अंतिम तारीख नौ नवंबर 2022 तय की गई। गेट मरम्मत का काम एक महिला बेरोजगार इंजीनियर को दिया गया। यही नहीं गेट मरम्मत की अनुमानित खर्च नौ लाख 40 हजार रुपये बताया गया और वर्कशाप में मरम्मत कर चुके गेट को ठेकेदार से नौ लाख 53 हजार में मरम्मत कराई गई।
इस पूरे मामले में सबसे रोचक बात ये है जिस वक्त विभाग गेट मरम्मत का बता रहा है इस पिरियेड का गुगल मैप एनिकट में भरपूर पानी बता रहा है। जब एनिकट के आठों गेट नवंबर में निकालके वर्कशॉप ले गए तो एनिकट में भरपूर पानी आया कहां से ? गूगल मैप में 3/4/2022 को एनिकट में लबालब पानी दिखा रहा है। इसका मतलब साफ है कि विभाग के अधिकारी कागज में मरम्मत की आवश्यकता बता रहे है, कागज में टेंडर निकालकर वर्क ऑर्डर जारी कर रहे है और कागज में ही ठेकेदार को भुगतान बता दिया जा रहा है। इस पूरे खेल में सब इंजीनियर दया शंकर राठौर से लेकर विद्युत यांत्रिकी विभाग के SDO डीएन अनंत, EE दिनेश सिंह और अधीक्षण अभियंता संजय पाठक समेंत के सभी अधिकारी शामिल है। विभाग के अधिकारी छोटे छोटे काम में बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे है।
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