I-Infrastructure (अधोसंरचना- विकास के पोषक)
सड़क मार्ग
1. छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम द्वारा 5 हजार 225 करोड़ की लागत के 3 हजार 900 किलोमीटर लंबी सड़कों एवं पुल-पुलिया के निर्माण का कार्य किया जायेगा। इस हेतु निगम को सहायता के रूप में 150 करोड़ का प्रावधान है।
2. मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के अंतर्गत बजट में 100 करोड़ का प्रावधान है।
3. एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से फेज़-3 परियोजना में 826 किलोमीटर लंबाई के 24 मार्गों का निर्माण कार्य प्रगति पर है एवं फेज़-4 परियोजना के अंतर्गत 1 हजार 275 किलोमीटर लंबाई के 31 मार्गों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। ए.डी.बी. सहायता वाली इन परियोजनाओं के लिये बजट में 940 करोड़ का प्रावधान है।
4. वाहन दुर्घटनाओं में होने वाली जान-माल की क्षति को कम करने के लिये सड़क सुरक्षा हेतु सड़क सुरक्षा निर्माण योजना प्रारंभ की जा रही है। इसके लिये बजट में आवश्यक प्रावधान है।
5. बजट में 12 नये रेलवे ओव्हर ब्रिज एवं अंडर ब्रिज तथा जवाहर सेतु योजना के अंतर्गत 151 नवीन मध्यम पुलों के निर्माण के लिये 102 करोड़ का प्रावधान है। 6 राज्य मार्ग, 5 शहरी मार्ग, 20 मुख्य जिला मार्ग तथा 435 ग्रामीण मार्गों के निर्माण हेतु 310 करोड़ का प्रावधान है। नाबार्ड की ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि के अंतर्गत 119 ग्रामीण मार्गों के निर्माण हेतु 92 करोड़ का प्रावधान है। ।
6. नक्सल प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर आवागमन सुविधा देने हेतु 104 सड़क एवं 16 पुल निर्माण कार्य हेतु बजट में 12 करोड़ का प्रावधान है।
वायु मार्ग
1. अम्बिकापुर क्षेत्र को शीघ्र ही वायुमार्ग से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है तथा इस वर्ष के बजट में कोरिया जिले में हवाई पट्टी निर्माण का प्रावधान है।
सिंचाई
1. भू-जल संवर्धन के कार्याें को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वयन करने हेतु भू-जल संरक्षण कोष का निर्माण किया जायेगा। भू-जल का उपयोग करने वाले उद्योगों तथा कच्चे माल के रूप में जल का उपयोग करने वाले उद्योगों से प्राप्त जलकर की राशि इस कोष में जमा की जायेगी।
2. सिंचाई की 4 वृहद परियोजनाओं अरपा-भैंसाझार, केलो जलाशय, राजीव समोदा निसदा व्यपवर्तन एवं सोंढूर जलाशय हेतु बजट में 152 करोड़ का प्रावधान है।
3. बजट में 4 सूक्ष्म सिंचाई योजना, 5 सौर सूक्ष्म सिंचाई योजना एवं 8 उद्वहन सिंचाई योजनाओं हेतु प्रावधान है।
4. वृहद, मध्यम एवं लघु बांधों के पुनर्वास एवं सुधार कार्य हेतु बजट में 70 करोड़ का प्रावधान है।
5. अहिरन-खारंग लिंक, छपराटोला फीडर जलाशय, रेहर अटेम (झिंक) लिंक परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ अधोसंरचना विकास निगम द्वारा किया जायेगा। इसके लिये निगम को 5 करोड़ की सहायता का प्रावधान है।
स्वच्छ पेयजल
1. राज्य के 45 लाख 48 हजार ग्रामीण घरों को वर्ष 2023 तक नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
2. पेयजल हेतु घरों तक नल कलेक्शन की सुविधा देने के लिए जल जीवन मिशन योजना में 850 करोड़ का प्रावधान है।
3. नलकूपों के अनुरक्षण हेतु 106 करोड़ तथा पाईप द्वारा ग्रामीण जल प्रदाय योजना में 32 करोड़ एवं ग्रामों में पेयजल प्रदाय के लिए 70 करोड़ का प्रावधान है।
4. नगरीय क्षेत्रों में नई जल प्रदाय योजनाओं के लिए 45 करोड़ का प्रावधान है।
5. मिनीमाता अमृतधारा नल योजना में 11 करोड़ एवं गोठानों मेें नलकूप खनन हेतु 10 करोड़ का प्रावधान है।
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