शिक्षा विभाग में प्रमोशन और ट्रांसफर घोटाला, मंत्री के आदेश पर तीन संयुक्त संचालक समेत 10 अधिकारी सस्पेंड

रायपुर। शिक्षकों के प्रमोशन और ट्रांसफर घोटाले में शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे ने बड़ी कार्रवाई की है। सभी संभागों के कमिश्नरों की रिपोर्ट आने के बाद तीन संयुक्त संचालकों के अलावा शिक्षा विभाग के 10 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इन संभागों में ट्रांसफर लिस्ट जारी होने के बाद 4 हजार से अधिक संशोधित आदेश जारी किए गए है। इस मामले में बिलासपुर के ज्वाइन डायरेक्टर और एक बाबू पहले ही सस्पेंड हो चुके है।
छत्तीसगढ़ में प्रमोशन और ट्रांसफर घोटाले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे के निर्देश पर हुई है। शिक्षा मंत्री ने ट्रांसफर आदेश संशोधित करने के मामले में कमिश्नर की रिपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन संयुक्त संचालक समेत 10 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार रायपुर के संयुक्त संचालक के कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी भाटापारा सीएस ध्रुव, सहायक संचालक रायपुर डीएस ध्रुव, सहायक संचालक शैल सिन्हा, सहायक संचालक उषा किरण खलखो समेत कई अधिकारियो के नाम है। निलंबन आदेश स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी किया गया। जिसमें रायपुर संभाग के अलावा सरगुजा संभाग के हेमंत उपाध्याय- प्रभारी संयुक्त संचालक सरगुजा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी धरसीवा संजय पूरी गोस्वामी, एस के गेंदले सिमगा को भी निलंबित किया गया है।
अभी तक पोस्टिंग ऑर्डर संशोधन के मामले में 4 संयुक्त संचालकों को निलंबित किया जा चुका है। बिलासपुर के संयुक्त संचालक एसके प्रसाद को विधानसभा सत्र के पहले ही सस्पेंड किया जा चुका था, आज तीन और संयुक्त संचालक को निलंबित करने का आदेश मंत्री ने दे दी है। जिन संयुक्त संचालकों को निलंबित करने का आदेश दिया गया है, उनमें रायपुर, दुर्ग और सरगुजा संयुक्त संचालक शामिल हैं। शिक्षकों की पदोन्नति के पश्चात पोस्टिंग में संशोधन के नाम पर बड़ी गड़बड़ी की शिकायत हुई थी। बड़े पैमाने पर लेनदेन का मामला सामने आते ही मंत्री श्री चौबे ने कमिश्नर से रिपोर्ट मंगायी थी। सभागों से रिपोर्ट आते ही सरगुजा, रायपुर और दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालकों को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इन संभागों में 4 से साढ़े चार हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति के बाद पदस्थापना में संशोधन के नाम पर लेनदेन की शिकायत थी। अब तक कुल चार संयुक्त संचालकों को निलंबित किया जा चुका है। जैसे ही अन्य रिपोर्ट आयेगी और भी कार्रवाई की जायेगी।
आपको बता दें कि काउंसिंलिंग के नाम पर पहले शिक्षकों की पोस्टिंग दूर दराज क्षेत्रों में की गयी और फिर उन पदस्थापना को संशोधित कर आस पास के स्कूलों में मनचाहे तौर पर पोस्टिंग दी गयी। आरोप है कि प्रत्येक शिक्षक से पोस्टिंग के नाम पर लाखों रुपए का लेनदेन किया गया है। इस मामले में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से भी शिकायत हुई थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच के लिए सभी संभाग के कमिश्नर को निर्देश दिया गया। कमिश्नर की रिपोर्ट पर अब तक चार संयुक्त संचालक पर गाज गिर चुकी है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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