खुंटाघाट के पानी को लेकर नगर निगम और सिंचाई विभाग के बीच खींची तलवार, निगम मांग रहा 31 mld पानी पर विभाग देने ले लिए तैयार नहीं

बिलासपुर। घंटाघाट के पानी को लेकर नगर निगम और सिंचाई विभाग के बीच खींचतान शुरू हो गई है। निगम के अधिकारी अमृत मिशन योजना के लिए 31 mld पानी देने के लिए सिंचाई विभाग पर दबाव बना रहे है। जबकि सिंचाई विभाग किसानो के हिस्से का पानी शहर को देने के लिए तैयार नहीं है। मामला अभी अधिकारियों के बीच ही है। यदि दोनो विभाग के मंत्रियों तक मामला पहुंचा तो अमृत मिशन योजना से घर घर पानी पहुंचाने का सपना अधूरा रह जाएगा।
जैसे जैसे अमृत मिशन योजना का काम खत्म होने के नजदीक पहुंच रहा है निगम अधिकारियों की धड़कन बढ़ती जा रही है। क्योंकि अमृत मिशन योजना के तहत खुंटाघट से लेकर बिरकोना तक पाइप लाइन बीच गई है। बिरकोना में ट्रीटमेंट प्लांट का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। शहर में पाइप लाइन भी बीछ चुकी है और पानी की 27 बड़ी टंकियां भी पानी के इंतजार में है। लेकिन विडंबना ये है कि नगर निगम के पास पानी है नही तो शहर वालों को देंगे कहां से ? अब हो ये रहा है की निगम के बड़े अधिकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर घुंटाघाट से पानी देने के लिए दबाव बना रहे है। पानी भी थोड़ा मोड़ा नही पूरे 31 mld, इतना पानी देने की बात सामने आते ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों के पसीने छूट रहे है। क्योंकि 31 mld पानी नगर निगम को देंगे तो किसानो के लिए बचेगा क्या ? हालांकि जब योजना शुरू हुई थी तो घुंटाघाट से सालभर में 6 mld पानी देने की बात हुई थी शेष 25 mld पानी अहिरन नदी से लाने का वादा शहर वालों से भाजपा के नेताओं ने किया था। लेकिन अहिरन का पानी दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। कुल मिलाकर भाजपा सरकार के समय शुरू हुई अमृत मिशन योजना भी सिवरेज की तरह डब्बा होता दिख रहा है।
गौरतलब है की अमृत मिशन योजना 2018 में शुरू किया गया था। तब के नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल में बिना सोचे समझे और चुनावी लाभ लेने के लिए जल्दीबाजी में योजना शुरू करा दिया। एकतरफा योजना बनाते हुए घुंटाघाट से पानी लाकर शहर वालों को पिलाने का आश्वासन दे दिया। जबकि योजना बनाने के पहले इस संबंध में सिंचाई विभाग से कोई सलाह लिया ही नही गया। जब सिंचाई विभाग को इसकी जानकारी हुई तो अधिकारियों ने कहा भी की घुंटाघाट में इतना पानी है ही नहीं की शहर को पानी दे सकें। तब अहिरन नदी में बराज बनाने की योजना तैयार की गई। इस योजना में अहिरन का पानी नहर के माध्यम से घुंटाघाट तक फिर खुंटाघाट से बिलासपुर तक पानी लाने की योजना बनाई गई। अहिरन की योजना बनते बनते शहर की जनता ने अमर अग्रवाल और पूरी भाजपा सरकार को ही पानी पिला दिया। अब अहिरन में बराज बनाने की योजना खटाई में पड़ चुकी है।

Author Profile

नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *