NTPC सीपत का राखड़ परोस रहा है बीमारी, इधर 800 मेगावाट का नया प्लांट लगाने की तैयारी, जनसुनवाई 27 को

बिलासपुर। NTPC सीपत से निकलने वाला राखड़ आसपास के 20 से अधिक गांव में बीमारी परोस रहा है। इन गांवों की ये समस्या दूर करने के बजाए प्रबंधन 800 मेगावाट का नया प्लांट लगाने की तैयारी में है। इसके लिए 27 सितंबर को सीपत में जनसुनवाई की जाएगी। बताया जा रहा है की इस प्लांट के शुरू होते ही पहले की तुलना में 30 प्रतिशत राखड़ का उत्पादन बढ़ जाएगा।
मस्तूरी ब्लॉक के सीपत में स्थापित NTPC अपने प्लांट का विस्तार करने जा रहा है। यहां पर 800 मेगावाट का नया प्लांट लगाने वाला है। इस प्रस्तावित अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी डेमोन्स्ट्रेशन प्रोजेक्ट की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए 27 सितम्बर 2023 को जन सुनवाई का आयोजन किया गया है। जन सुनवाई शासकीय मदनलाल शुक्ल महाविद्यालय सीपत के खेल मैदान में दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। जनसुनवाई के पहले NTPC से प्रभावित गांवों से विरोध के स्वर उठने लगे है। गांव-गांव में बैठके हो रही है, प्लांट के विस्तार का विरोध करने के लिए ग्रामीण लामबंद होने लगे है। ग्रामीणों में सबसे ज्यादा आक्रोश NTPC से उड़ने वाली राखड़ को लेकर है। इस राखड़ के कारण आसपास के 20 से अधिक गांव के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। बारिश में ये राखड कीचड़ बनकर गांव की गलियों में गंदगी फैलाता है और लोगों का चलना मुश्किल कर देता है तो सूखे दिनों में राखड़ हवा में उड़कर गांव की आबोहवा खराब करता है। प्लांट प्रबंधन के अनुसार प्लांट से निकलने वाले राखड़ को एकत्रित करने के लिए तीन डैम बनाए गए है। लेकिन तीनों डैम राखड़ से पूरी तरह भर चुका है। गर्मी के मौसम में आंधी-तूफान आते ही राखड उड़कर आसपास के रांक, रलिया, हरदाडीह, भिलाई, गतौरा, सुखरीपाली, कौड़िया, दर्रा, कर्रा, देवरी, पंधी, मटियारी, मोहरा, एरमशाही, मुड़पार, बेल्टुकारी, किसान परसदा, कछार, भनेशर, पाराघट, जयराम नगर, मस्तुरी सहित आसपास के 20 से अधिक गांवों में फैलता है। राखड़ के कारण पूरे क्षेत्र की आबोहवा तो प्रदूषित हो ही चुकी है पानी भी प्रदूषित हो चुकी है। लोग राखड़ युक्त पानी पीने के कारण बीमार पड़ने लगे हैं। राखड़ के कारण लोगों के आंखों में की रोशनी भी खराब हो रही है। जरा सी हवा के चलते ही पूरे इलाके में राखड़ की धुंध छा जाती है। इसके बाद 10 फीट की दूरी पर बैठा व्यक्ति, मवेशी और पेड़ पौधे दिखाई तक नही देते। इस राख ने पूरे क्षेत्र के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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