रायपुर। शिक्षकों के प्रमोशन और ट्रांसफर के सभी संशोधन आदेश को निरस्त कर दिया है। शिक्षा विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है। अब ऐसे शिक्षकों को 10 दिन के अंदर पूर्व में आवंटित स्कूलों में ज्वाइनिंग देनी होगी। ज्वानिंग नहीं करने की स्थिति में शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने 3 हजार से अधिक शिक्षकों की पोस्टिंग निरस्त कर दी है। यह आदेश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अनुमोदन के बाद जारी किया गया है। प्रदेश के सभी संभागों में शिक्षकों का प्रमोशन करने बाद मनचाही पोस्टिंग के लिए करोड़ों रुपए की उगाही की गई थी। इस उगाही में संयुक्त संचालकों के अलावा उनके मातहत कर्मचारियों ने सुनियोजित तरीके से गिरोह बनाकर किया गया था। संयुक्त संचालकों ने स्कूलों के रिक्त पदों को छुपाकर शिक्षकों को एक जिले से दूसरे जिलों में ट्रांसफर कर दिया गया। फिर बाद में मनचाही स्कूलों में पोस्टिंग देने के लिए ढाई से तीन लाख रुपए लिए गए। बिलासपुर संभाग में ही लगभग सात सौ शिक्षकों के लिए संशोधित आदेश जारी किए गए। लगभग सभी संभागों में यही खेल खेला गया। इसमें तय सिस्टम को दरकिनार कर अधिकारियों ने अपनी नई व्यवस्था बना ली थी। जब पोस्टिंग घोटाला फूटा तो शिक्षा मंत्री ने सभी संभाग के कमिश्नरों को जांच करने के लिए कहा। जांच में कई अधिकारी और बाबू दोषी पाए गए। इसके बाद शिक्षा मंत्री संशोधित आदेश निरस्त करने फाइल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सौंप दी। पीछले दिनों मुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री ने संशोधित आदेश निरस्त करने मुहर लगा दी थी। अब सरकार इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए 3 हजार से ज्यादा ट्रांसफर-पोस्टिंग को निरस्त कर दिया है। इससे पहले प्रदेश के 11 अफसरों को भी इस मामले में निलंबित किया जा चुका है।
बताया जा रहा है कि शासन की ओर से पोस्टिंग को निरस्त करने के लिए 7 पेज का ऐसा आदेश तैयार किया गया है कि शिक्षकों को कानूनी राहत की गुंजाइश नहीं के बराबर होगी। आदेश में पूरा विवरण लिखा है कि किस तरह अधिकार न होने और ट्रांसफर प्रतिबंधित होने के बाद भी जॉइंट डायरेक्टरों ने ट्रांसफर किए। इसमें पांचों कमिश्ररों की जांच का हवाला दिया है, जिसमें सभी ने भ्रष्टाचार की पुष्टि की है। विभाग ने शिक्षकों से कहा है कि 10 दिन के भीतर पूर्व पोस्टिंग वाले स्कूलों में ज्वाइन करें, वरना उनका प्रमोशन निरस्त कर दिया जाएगा।
00 इन अधिकारियों को किया जा चुका है निलंबित
छत्तीसगढ़ में शिक्षक पोस्टिंग घोटाले में राज्य सरकार ने एक्शन लेते हुए पहले 11 अधिकारियों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। इनमें के कुमार-तत्कालीन संयुक्त संचालक (शिक्षा) रायपुर, सीएस ध्रुव जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा, सहायक संचालक डीएस ध्रुव- संभागीय शिक्षा कार्यालय रायपुर, सहायक संचालक शैल सिन्हा, सहायक संचालक उषा किरण खलखो समेत कई अधिकारी शामिल हैं। इस मामले में बिलासपुर के संयुक्त संचालक एस के प्रसाद और विवादित बाबू विकास तिवारी को सबसे पहले सस्पेंड किया गया था। इसके बाद रायपुर संभाग के अलावा सरगुजा संभाग के हेमंत उपाध्याय- प्रभारी संयुक्त संचालक सरगुजा को भी निलंबित किया गया है। फिर गरियाबंद के प्रभारी डीईओ डीएस चौहान को भी ट्रांसफर पोस्टिंग घोटाले में सस्पेंड किया गया।
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