बिलासपुर। असम के मुख्यमंत्री हेमंता विश्व शर्मा का कहना है की छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार किसान विरोधी, युवा विरोधी और विकास विरोधी है। जनता प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने जा रही है। Democrecy.in के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 2 हजार रुपए देने वाले को भगाते हो और 6 सौ रुपए देने वाले को माला पहना रहे हो ये गलत है।
हॉटल इंटरसिटी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए हेमंता विश्व शर्मा ने कहा कि भूपेश सरकार न तो किसानो के लिए अच्छा काम कर रही है और न ही युवाओं के लिए अच्छा काम कर रही है। ये सरकार पूरी तरह से विकास विरोधी है। अभी भूपेश बघेल किसानों का कर्जा मॉफ करने की बात कर रहे है। इससे स्पष्ट है की भूपेश ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। जब अच्छा काम किया है तो कर्जा माफी की जरूरत क्यों पड़ रही है ? जब कर्ज माफ करना ही था तो बजट में ही क्यों नहीं किया गया ? किसानो को कर्ज लेने की जरूरत तब पड़ी जब यहां किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं है। यदि सुविधाएं होती तो कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल धान खरीदी का श्रेय लेते है। जबकि दो हजार रुपए प्रति क्विंटल मोदी जी की सरकार दे रही है। भूपेश केवल 6 सौ रुपए प्रति क्विंटल दे रहे है। भूपेश बघेल बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने की बात करते है। जबकि उनका काम रोजगार देना है। सरकार PSC में भी घोटाला कर रही है। सरकार की जिम्मेदारी रोजगार देने की है न की भत्ता देने की है। इस तरह से देखा जाए तो छत्तीसगढ़ की सरकार किसान विरोधी, युवा विरोधी और विकास विरोधी है। जब Democrecy.in ने उनसे कहा की मोदी सरकार जो 2 हजार रुपए क्विंटल दे रही है वह तो लागत मूल्य है और भूपेश सरकार जो 6 सौ रुपए दे रही है वही किसानो का लाभ है। इस पर उन्होंने कहा की मैं इस कैलकुलेशन से सहमत नहीं हूं। जो दो हजार रुपए दे रहा है उसको भगा रहे हो और जो 6 सौ रुपए दे रहे हो उसको माला पहनाकर स्वागत कर रहे हो।
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