बिलासपुर। राज विल्डर्स के मैनेजर सूरज जायसवाल, सौरभ शुक्ला और मालिक/ संचालक धीरेन्द्र पाण्डे पर एक महिला ने 8 लाख 95 हजार की धोखाघड़ी करने की शिकायत एसपी से की है। इसके बाद बिल्डर के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है। महिला का कहना है कि बिल्डर ने पैसे लिए लेकिन प्लाट नहीं दिया अब पैसा भी नहीं लौटा रहा है।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पीड़ित महिला ने बताया कि बिल्डर ने उसे प्लॉट दिखाकर पैसे ले लिए लेकिन आज 03 सालो से उन्हे रजिस्ट्री के लिए घुमाया जा रहा है। न प्लॉट की रजिस्ट्री करा रहे है न उनका पैसा वापस किया जा रहा है। पीड़ित महिला ने बताया कि जिस प्लॉट के नाम पर उनसे पैसा लिया गया है जानकारी लेने पर पता चला है कि वह प्लॉट उनका है ही नही।
जब उन्हें आभास हुआ कि वे धोखाधड़ी की शिकार हुई है तो उन्होंने इसकी शिकायत कोनी थाने में दर्ज कराई। लेकिन बिल्डर को जब इस शिकायत की जानकारी हुई है तो वह पीड़ित महिला एवम उनके परिवार वालो को शिकायत वापस लेने के लिए फोन पर धमकाना शुरू कर दिया। महिला के पति समरेश गोप ने बताया कि राज विल्डर्स कोनी के सूरज जायसवाल, सौरभ शुक्ला, धीरेन्द्र पाण्डे ने ग्राम सेन्दरी मे स्थित भूमि खसरा नंबर 326/2 रकबा 2.06 एकड़ में से क्षेत्रफल- 900 वर्गफीट जमीन की राशि – 12,15,000/-रूपये बारह लाख पन्द्रह हजार रूपया में सौदा पक्का कर दिनांक-08 जुलाई 2021 को एक इकरारनामा किया था। जब इकरारनामा हुआ उस समय बतौर बयाना राशि- 1,01,000/- रूपये एक लाख एक हजार रूपये दिनांक- 05/07/2021 को चैक क्रमांक- 107016, जो भारतीय स्टेट बैंक रांची एवं राशि – 2,64,000 /- रूपये दो लाख चौसठ हजार रूपये दिनांक- 17/08/2021 को चैक क्रमांक- 107017, भारतीय स्टेट बैंक राँची झारखण्ड तथा इसके अलावा राशि- 3,20,000/- रूपये तीन लाख बीस हजार रूपये नगद दिनांक- 16/05/2023 को प्राप्त किया। दोनों चैक को सूरज जायसवाल एवं सौरभ शुक्ला ने भारतीय नगर स्थित घर मे आकर लिये थे। साथ ही नगदी रकम को अपने ऑफिस कोनी में जमीन दिखाने के नाम पर लिए थे। इसके बाद 19/07/2023 को 2,10,000/- रूपये अपने कोनी स्थित ऑफिस मे बुलाकर लिया था। कुल 8,95,000/-रूपये अभी तक हम दे चुके है। लेकिन उन्हें प्लाट अभी तक नही मिला है। रजिस्ट्री के लिए उन्हें केवल तारीख पर तारीख मिलती रही। वर्तमान में जमीन मौजा ग्राम सैन्दरी खसरा नंबर – 326/2 जिसका रकबा 0.0080 हे./0.02 एकड़, दीपक, संतोषी, सुनीता, पिंकी, पुष्पा पिता गलीराम, तेरस बाई पति वलीराम, रंजीत, बलवंत पिता इतवारी के नाम पर दर्ज है।
महिला ने पत्रकारों को बताया कि बिल्डर के बार बार रजिस्ट्री की तारीख देने पर मेरे पति झारखंड, राची से छुट्टी लेकर बार बार बिलासपुर आते रहे। बार बार छूटी लेकर आने के कारण उनकी नौकरी भी आज चली गई, वो मानसिक रूप से वे इतने परेशान हो गए कि उन्हें आईसीसीयू में भर्ती तक करना पड़ गया था। आज उनके परिवार की हालत ये हो गई है कि अपने दो बच्चों के स्कूल के फीस तक भरने के लिए उनके पास पैसे नहीं है।
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