लमेर रेतघाट में चली गोली, विधायक के करीबी के लिए करते थे वसूली, कई घाटों पर है कब्जा, पुलिस की कहानी पर संदेह…

बिलासपुर। कोटा थाना क्षेत्र के लमेर रेत घाट में गोली चलने की घटना सामने आई है। इस रेत घाट में एक भाजपा विधायक के करीबी का कब्जा है। गोली मारने वाला और गोली लगने वाला दोनों उसके लिए काम करते थे। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

सत्ता चाहे जिस पार्टी की हो सबसे पहले नेता और उनके करीबी रिश्तेदार रेतघाट में ही कब्जा करते है। बिलासपुर के नेताओं के लिए अरपा नदी का रेत रातों रात करोड़पति बनने सबसे आसान रास्ता है। कांग्रेस की सरकार थी तो अरपा की रेत पर किसी और का कब्जा था। अब भाजपा की सरकार है तो किसी और का कब्जा हो गया है। आजकल एक भाजपा विधायक के करीबी का कई घाटों में कब्जा है। हर घाट के लिए उनके गुर्गे भी तय है। महीने की सैलरी पर कम करने वाले ये गुर्गे हथियारों से लैश होकर घाट में पूरे टाइम तैनात रहते है। यही गुर्गे हर ट्रेक्टर, हाइवा और ट्रक से वसुली करके अपने आका को बराबर हिसाब देते है। लमेर मंगलवार को भी गांव के गिरजाशंकर यादव, छबि यादव और दीपक रजक अपने अन्य साथियों के साथ हथियार के साथ रेतघाट तैनात थे। इसी बीच उनके बीच आपस में विवाद हुआ और छबि यादव के हाथ से गोली चल गई और गिरजाशंकर यादव घायल हो गया। फिलहाल गिरजाशंकर को इलाज के लिए बिलासपुर के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। इस हॉस्पिटल में पूरे समय भाजपा विधायक का करीबी पूरे समय सक्रिय था और अपने गुर्गे की इलाज कराने दौड़भाग करता रहा।

00 अब पुलिस की कहानी पढ़िए ? – दिनांक 05.05.2025 को लगभग शाम 6-7 बजे ग्राम लमेर, थाना कोटा में गोली चलने की एक सूचना प्राप्त हुई। जिसमें लमेर निवासी गिरजाशंकर यादव उर्फ दीपक यादव पिता मनीराम यादव को पैर में गोली लगी थी। घायल गिरजाशंकर यादव उर्फ दीपक यादव से पूछताछ करने पर उसने पुलिस को बताया कि दिनांक 05.05.25 को शाम 6-7 बजे के आस-पास वह अपने दोस्त दीपक रजक के साथ गाँव में ही घूम रहा था। गाँव में ही दीनू भोई के दुकान के पास दोनों को उनका दोस्त छबि यादव मिला। बातचीत के दौरान छबि यादव ने आने दोस्तों को पिस्तौल दिखाई, जो कि गिरजाशंकर और दीपक रजक को यह नकली पिस्तौल लगी। उसके बात छबि यादव के हाथ से ही दुर्घटनावश पिस्तौल का ट्रिगर दब गया और गोली गिरजाशंकर यादव के बाएं पैर पर लगी। घायल गिरजाशंकर यादव उर्फ दीपक यादव वर्तमान में खतरे से बाहर है। पुलिस के द्वारा छबि यादव की निशानदेही पर पिस्टल को बरामद कर लिया गया है। पुलिस मामले में जांच कर रही है कि छबि यादव के पास पिस्तौल कहाँ से आई?
कोटा पुलिस द्वारा वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटनाक्रम पूरी तरह से एक्सीडेंटल फायर का है, जिसमें किसी भी प्रकार का आपसी विवाद, रंजिश या अन्य किसी तरह की घटना शामिल नहीं है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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