कलेक्टर ने ली खनिज टॉस्क फोर्स की बैठक, कहा – जप्त रेत, गिट्टी, मुरूम का उपयोग सरकारी निर्माण कार्य में लगाएं

बिलासपुर। कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खनिज टॉस्क फोर्स की बैठक का आयोजन 26 मई 2025 को मंथन सभाकक्ष में किया गया। बैठक में उप संचालक (ख.प्रशा) दिनेश मिश्रा द्वारा बैठक में वर्ष 2024-25 में की गई कार्रवाई की जानकारी दी। उप संचालक ने बताया कि अवैध खनिज परिवहन के 629 प्रकरण, अवैध खनिज उत्खनन के 85 तथा अवैध खनिज भंण्डारण के 15 कुल 729 प्रकरण दर्ज किये जाने की जानकारी दी गई। जिसमें से 718 प्रकरणों का निराकरण कर अर्थदण्ड की राशि रू. 1 करोड़ 99 लाख 65 हजार आरोपित कर खनिज मद में जमा कराया गया है। शेष 11 प्रकरणा में से 10 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 (22 मई 2025 की स्थिति में) में अवैध खनिज परिवहन के 93 प्रकरण, अवैध खनिज उत्खनन के 7 तथा अवैध खनिज भंण्डारण के 1 कुल 101 प्रकरण दर्ज कर निराकरण करते हुए अर्थदण्ड की राशि रू. 26 लाख 03 हजार आरोपित कर खनिज मद में जमा कराने की जानकारी प्रस्तुत की गई। इन कार्यवाहियों में राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा दर्ज किये गये प्रकरणों का भी ब्योरा शामिल है। इस दौरान कलेक्टर ने सभी विभागों को अपने अपने नियमों के परिपेक्ष्य में अधिक से अधिक कार्यवाही कर हर महीने खनिज विभाग को देने के निर्देश दिए। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण पर प्रभावी कार्यवाही एवं नियंत्रण हेतु तहसीलदारों को भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 247(7) के तहत सीधे प्रकरण दर्ज करने निर्देशित किया गया। वन विभाग के अधिकारियों को भी वन अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही जैसे वाहन राजसात करने के निर्देश दिये गये है।कलेक्टर ने बिलासपुर जिले में अधिक से अधिक रेत खदान स्वीकृत किये जाने नवीन क्षेत्र का चिन्हांकन करने तथा ऑक्सन के माध्यम से स्वीकृति की कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया। जिससे कि जिले में निर्माण कार्यों के लिये खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित हो तथा शासन एवं ग्राम पंचायतों को राजस्व आय भी प्राप्त हो सके। जिले में नवीन क्षेत्र चिन्हांकन कर कुल 15 रेत खदानों का जांच प्रतिवेदन अतिशीघ्र उपलब्ध कराने राजस्व विभाग, वन विभाग को निर्देशित किया गया है। क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण संरक्षण मंडल बिलासपुर को खदानों में पर्यावरण स्वीकृति अतिशीघ्र जारी करने निर्देशित किया गया है। शासकीय निर्माण एजेंसी के द्वारा निर्माण कार्य में लगने वाले खनिजों की उपलब्धता के संबंध में लावारिस स्थति में जप्तशुदा खनिजों को निर्माणाधीन कार्यों में उपयोग करने के निर्देश दिए है। लेकिन निर्माण विभागों को भण्डारित खनिजों की रायल्टी सहित समस्त कर जमा करने पश्चात् ही परिवहन/उपयोग की अनुमति दी जाएगी।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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