बिलासपुर। सिस्टम में बैठे लोग कितने निष्ठुर और क्रूर है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक बुजुर्ग दंपत्ति ने निराश होकर इच्छा मृत्यु की मांग कर दी है। राज्यपाल को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है मुझे न्याय नहीं दे सकते तो इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दीजिए।
मामला शक्ति जिले का है। जिले के ग्राम बड़े खैरा में श्रीमती सजीला बाई रहती है। गांव में उनकी पुस्तैनी जमीन है। जिसको 2015 में किसी ने बेच दिया। इसके बाद से दोनो पति पत्नी का संघर्ष शुरू होता है। खुद की जमीन को पाने के लिए कोर्ट – कचहरी, थाना, वकील, बाबुओं और अफसरों के चक्कर काट रही है। लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। यही कारण है कि निराश बुजुर्ग दंपत्ति ने प्रदेश के राज्यपाल को पत्र लिखकर सीधे मौत मांग ली है। अपने पत्र में सजीला बाई ने लिखा है कि ….
मैं श्रीमती सजीला बाई, उम्र 70 वर्ष, निवासी ग्राम-बड़े खैरा, पोस्ट- भोथली, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़), विगत कई वर्षों से सक्ती जिले के ग्राम-ठनगन, प.ह.न. 23 तहसील व थाना डभरा की अपनी ही पुश्तैनी जमीन पर अधिकार पाने के लिए प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काट रही हूँ।
मेरे द्वारा थाना-डभरा में लिखित आवेदन भी दिया जा चुका है जिसका रिपोर्ट दर्ज नहीं हुआ है। मेरी कुल 4.581 हेक्टेयर पैतृक भूमि, खसरा नं. 980/1 में सें 0. 324 हेक्ट, पैतृक भूमि जो ग्राम-ठनगन तहसील डभरा, जिला सक्ती में स्थित है, उसे बिना मेरी जानकारी और सहमति के कुछ लोगों द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध रूप से रजिस्ट्री कर दिया गया। यह रजिस्ट्री 31.03.2015 को की गई, जबकि इस जमीन का स्वामित्व मेरे नाम पर है।
मैंने तहसील, थाना, रजिस्ट्री कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय तक शिकायतें कीं, अनेक बार प्रमाण और दस्तावेज प्रस्तुत किए, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिन अधिकारियों का दायित्व मुझे न्याय दिलाना था, उन्होंने फाइलों में मेरा मामला दबाकर केवल आश्वासन दिए।
अब मेरी उम्र और धैर्य दोनों जवाब दे चुके हैं। मुझे लगने लगा है कि इस लोकतंत्र में एक गरीब, बुजुर्ग महिला की आवाज की कोई कीमत नहीं है। न मेरी जमीन मुझे मिली और न ही न्याय मिला और न ही सम्मान। तहसील-डभरा के न्यायालय में सत्र 2018-19 में बंटवारा के लिये आवेदन दिया था जिस पर आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं किया गया है।
अतः मेरी आपसे करुणा पूर्वक विनती है कि यदि मुझे मेरी ही जमीन पर अधिकार नहीं दिया जा सकता तो कृपया मुझे स्वैच्छिक इच्छा मृत्यु की विधिक अनुमति प्रदान की जाए, ताकि मैं रोज-रोज अपमानित और पीड़ित होकर जीने के बजाय शांतिपूर्वक इस जीवन से विदा ले सकूं।
प्रार्थिया
नाम श्रीमती सजीला बाई
वर्तमान पता – ग्राम बड़े खैरा, थाना सारंगढ़,
जिला-सारंगढ़, बिलाईगढ़ (छ.ग.)
संलग्न :-
1. थाने व तहसील को पूर्व में दी गई शिकायत की प्रतिलिपियाँ
2. जमीन के मूल दस्तावेज, ऋण पुस्तिका खसरा एवं बी-1
3. फर्जी रजिस्ट्री की प्रति
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