बिलासपुर। हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ के समाज कल्याण विभाग में हुए 1000 करोड़ रुपये के NGO घोटाले की जांच CBI से करने का आदेश दिया है। जस्टिस पीपी साहू और जस्टय संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच ने 2018 से लंबित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है ऐसे जटिल मामले की जांच स्थानीय एजेंसियों या पुलिस के बस की बात नहीं है इसलिए CBI ही निष्पक्ष जांच कर सकती है।
यह मामला राज्य स्त्रोत नि:शक्तजन संस्थान से जुड़ा है, जहां फर्जी NGO बनाकर सरकारी योजनाओं के फंड की खुलेआम लूट की गई थी। विशेष ऑडिट में 31 प्रकार की वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं था। जिनमें बिना अनुमति अग्रिम निकासी, काल्पनिक मशीनो की खरीदी और फर्जी कर्मचारियों का भुगतान, कागजी अस्पताल, मनमाने ट्रांसफर, गायब वाउचर और कैशबुक से मेल न खाने वाले हिसाब शामिल हैं। शुरुआती जांच में 5.67 करोड़ के फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई थी लेकिन कुल घोटाला 1000 करोड़ रुपए से अधिक का है। याचिकाकर्ता कुंदन सिंह ने दस्तावेजी सबूतों के साथ आरोप लगाया था कि संस्थान शुरू से घोटाले के लिए गढ़ा गया था। जस्टिस प्रार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच ने आदेश में कहा है यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर सिस्टमेटिक करप्शन का मामला है। जिसमें फर्जी कर्मचारियों के नाम पर वेतन निकालकर सरकारी फंड की लूट की गई। हाईकोर्ट ने कहा कि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितताओं को केवल प्रशासनिक त्रुटि बताना न्यायसंगत नहीं है। राज्य सरकार अपने उच्च अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है। जांच भी आधी-अधूरी है।
यह मामला केवल दिव्यांगों के अधिकारों से ही नहीं जुड़ा है, बल्कि करोड़ों रुपए की सार्वजनिक धनराशि के दुरुपयोग का भी है। निष्पक्ष जांच के बिना दोषियों तक पहुंचना संभव नहीं है। डिवीजन बेंच ने सीबीआई को पहले से दर्ज एफआईआर के आधार पर दस्तावेज जब्त करने और जांच जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने CBI को FIR दर्ज होने की तारीख से सभी मूल दस्तावेज जब्त करने और 15 दिनों के अंदर विभागीय रिकॉर्ड सुरक्षित करने के निर्देश दिए है। सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पूर्व मुख्य सचिव अजय सिंह को जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट देने का पूर्व आदेश भी लागू रहेगा।
00 11 वरिष्ठ IAS, कई अफसर फंसे
घोटाले में पूर्व मुख्य सचिव आलोक शुक्ला, विवेक ढांड, एमके राउत, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल, पीपी सोती सहित 11 वरिष्ठ आईएएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा अन्य नामों में राजेश तिवारी, सतीश पांडेय, अशोक तिवारी, हरमन खलखो, एमएल पांडेय व पंकज वर्मा शामिल हैं। इन अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर कर CBI जांच पर रोक लगाने की कोशिश की लेकिन शीर्ष अदालत ने मामला हाईकोर्ट को वापस भेज दिया।
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