रायपुर। अवैध कोल लेवी वसूली मामले में आज 15.12.2025 को आरोपी-जयचंद कोशले के विरूद्ध भा.द.वि. की धारा 120बी, 420, 384, 467, 468, 471 एवं तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018) की धारा 7, 7ए, एवं 12 के अंतर्गत विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.) रायपुर में लगभग 1,000 पेज का अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है। आरोपी अभी केन्द्रीय जेल रायपुर में निरूद्ध हैं। इसके पहले जुलाई 2024 में 15 आरोपियों-सौम्या चैरसिया, रानू साहू, समीर विश्नोई, शिवशंकर नाग, संदीप कुमार नायक, सूर्यकांत तिवारी, निखिल चंद्राकर, लक्ष्मीकांत तिवारी, हेमंत जायसवाल, चंद्रप्रकाश जायसवाल, शेख मोइनुद्दीन कुरैशी, पारेख कुर्रे, राहुल सिंह, रोशन कुमार सिंह एवं वीरेन्द्र जायसवाल के खिलाफ ईओडब्ल्यू के द्वारा अवैध कोल लेवी प्रकरण में प्रथम चालान प्रस्तुत किया गया था। अक्टूबर 2024 में 02 आरोपियों-मनीष उपाध्याय एवं रजनीकांत तिवारी एवं अक्टूबर 2025 में 02 आरोपियों-देवेन्द्र डडसेना एवं नवनीत तिवारी के विरूद्ध पूरक चालान प्रस्तुत किया गया था।
अभियुक्त जयचंद कोशले उर्फ जय श्रीमती सौम्या चैरसिया के अधीनस्थ रहकर तत्कालीन मुख्यमत्री सचिवालय में निज सहायक था, अवैध कोल लेवी वसूली से प्राप्त भारी-भरकम नगद राशि का वास्तविक रिसीवर एवं मध्यस्थ था। जप्तशुदा डायरी में “जय” नाम से अंकित सभी एंट्रियां जय/सौम्या चौरसिया से संबंधित हैं। डायरी में उल्लेखित उक्त प्रविष्टियाँ उसी के माध्यम से संचालित अवैध लेन-देन की पुष्टि करती हैं। जयचंद कोशले अपराध की पूरी श्रृंखला में एक अनिवार्य कड़ी रहा है। जिसने न केवल अवैध धनराशि को भौतिक रूप से प्राप्त किया बल्कि उसे आगे सौम्या चैरसिया तक पहुँचाने की जिम्मेदारी भी निभाई। इस प्रकार वह अपराध से अर्जित धन की रिसीविंग, कस्टडी और ट्रांसफर की प्रक्रिया में सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाता पाया गया है।अभियुक्त जयचंद कोशले सौम्या चैरसिया के निर्देश पर सूर्यकांत तिवारी के निवास स्थान एवं अन्य जगहों से रकम रिसीव कर वह मनीष उपाध्याय या सौम्या चैरसिया के बताये गये व्यक्ति को देता था। अभियुक्त के द्वारा अवैध कोल लेवी वसूली से लगभग 7 से 8 करोड़ रुपये सौम्या चैरसिया के लिये प्राप्त किया गया।
साथ ही सूर्यकांत तिवारी एवं उसके लिये कार्य करने वाले अन्य आरोपियों के मोबाइल से जप्त डिजिटल साक्ष्यों में लेवी से प्राप्त रकम का हिसाब-किताब तथा रियल टाइम एंट्री हेतु बनाये गये व्हाट्सएप ग्रुप में “जय” के नाम से संबंधित अनेक प्रविष्टियां भी प्राप्त हुई हैं, जो अभियुक्त जयचंद कोशले की अपराध में संलिप्तता को प्रमाणित करती हैं। साथ ही प्रकरण में अनिल तुटेजा एवं सौम्या चैरसिया के बीच भी ऐसे चैट्स प्राप्त हुए हैं, जो अभियुक्त द्वारा किये गये गोपनीय कार्यों एवं महत्वपूर्ण फाइलों/दस्तावेजों को सौम्या चैरसिया के निर्देश पर अनिल टुटेजा तक पहुंचाने की कड़ी को भी स्थापित करते हैं। साथ ही, सौम्या चैरसिया के निर्देश पर विभिन्न व्यक्तियों तक अवैध रकम पहुंचाने तथा अवैध रकम दिये जाने से संबंधित तथ्य/प्रविष्टियां भी जप्त डिजिटल साक्ष्यों एवं चैट्स में प्राप्त हुई हैं। जयचंद कोशले अवैध कोल लेवी वसूली से प्राप्त रकम का रिसीवर एवं मध्यस्थ होने के साथ-साथ, उसने स्वयं के लिये भी उक्त अवैध राशि का हिस्सा प्राप्त कर अवैध लाभ अर्जित किया है। इस राशि का निवेश स्वयं के नाम से तथा अपने परिवारजनों के नाम से संपत्तियां क्रय करने में किया गया है। संपत्तियों के संबंध में जांच जारी है। प्रकरण में संभावित अन्य सभी आरोपियों के विरूद्ध विवेचना जारी है। जबकि मामले में कुल 20 आरोपियों के विरूद्ध चालान प्रस्तुत किया जा चुका है।
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