शिवरीनारायण –छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक, धार्मिक आध्यात्मिक, साहित्यिक , सांस्कृतिक,व्यापारिक व सब्र की धर्म धरा शबरी नगरी शिवरीनारायण के बहुचर्चित आनंद उर्फ अन्नू केडिया के अवैध आलीशान मकान दुकान प्रकरण पर आखिरकार नवपदस्थ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शिवरीनारायण, भावना साहू के द्वारा पारित आदेश दिनांक 10.03.2026 में शिवरीनारायण तहसीलदार द्वारा पारित आदेश विधि सम्मत होने के कारण आदेश पारित दिनांक 07.07. 2025 स्थिर रखा गया और अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत अपील आवेदन सारहीन एवं तथ्यहीन होने के कारण 10 मार्च 2026 को खारिज कर किया गया।
गौरतलब है कि न्यायालय तहसीलदार शिवरीनारायण ने शिवरीनारायण नगर पंचायत क्षेत्रांतर्गत ग्राम भोगहापारा ग्राम पटवारी हल्का नंबर 08 में अवस्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 629 के रकबा 70 गुणा 30 वर्ग कड़ी में आनंद केडिया उर्फ अनु केडिया के द्वारा अप्राधिकृत कब्जा किए जाने के विरुद्ध शिकायत प्राप्त होने पर इस न्यायालय ने प्रकरण क्रमांक दर्ज कर विधिवत सुनवाई किया । जिसमें आनंद उर्फ अन्नु केडिया द्वारा शासकीय भूमि पर अप्राधिकृत कब्जा पाए जाने के विरुद्ध बेदखली आदेश जारी कर शासकीय भूमि पर अप्राधिकृत कब्जा होने के कारण आर्थिक दंड की राशि ₹10000(₹ दस हजार मात्र अधिरोपित किया । न्यायालय द्वारा जारी बेदखली, बेदखली वारंट के पाते ही 07 दिवस के भीतर अपनी वाद भूमि से अपना अवैध अतिक्रमण स्वत: हटाने एवं अधिरोपित की राशि बैंक चलान के माध्यम से अथवा तहसील न्यायालय शिवरीनारायण को नगद राशि अदा करने सुनिश्चित करने फरमान जारी किया गया । न्यायालय के इस आदेश का अवमानना किए जाने पर न्यायालय द्वारा गठित राजस्व दल द्वारा बेदखली की कार्यवाही किए जाने पर व्यय की राशि अप्राधिकृत कब्जा कर निर्माण करने वाले आनंद उर्फ अन्नु केडिया से राजस्व व्यय की भांति वसूली की जावेगी।
बता दें कि आनंद उर्फ अन्नू केडिया के द्वारा शिवरीनारायण मे छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धार्मिक पावन धरा शिवरीनारायण – खरौद मार्ग पर सड़क से लगा हुआ बेशकीमती शासकीय भूमि खसरा नं.629 रकबा 0.121 हे. में से लगभग 4 डिसमील भू-भाग पर अवैध कब्जा कर भवन निर्माण करा रहे हैं। इनकी अवैध कब्जा-निर्माण की जानकारी मिलते पर शिवरीनारायण के तात्कालिक तहसीलदार अविनाश चौैहान द्वारा उन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए इस अप्राधिकृत कब्जा पर भवन निर्माण को रोकने 6 जून 2025 को स्थगन आदेश जारी किया गया । जिस समय तहसीलदार ने आनंद केड़िया को स्थगन आदेश जारी किया,उस समय इस निर्माणाधीन भवन के प्रथम तल पर निर्माण कार्य चल रहा था। लेकिन उसकी छत की ढ़लाई नही हुई थी । स्थगन आदेश जारी होने के बाद भी न्यायालय का अवमानना करते हुए आनंद केडिया ने अपना निर्माण कार्य बेरोकटोक जारी रखा और 9 जून को भवन के प्रथम तल का निर्माण कार्य भी पूर्ण करा लिया। इसकी भनक लगते ही तहसीलदार अविनाश चौहान ने इसे गंभीरता से लिया और तत्परता दिखाते उन्होंने 9 जून को ही राजस्व अमला व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर निर्माण कार्य में उपयोग किए जा रहे मिक्सचर मशीन को जब्त कर पुलिस के सुपुर्द किया । इसके बावजूद यह तथाकथित भाजपा नेता आनंद केड़िया को शासन- प्रशासन का कोई भय नहीं रहा और स्थगन आदेश का लगातार अवेहलना करते हुए बेखौफ रुप से भवन निर्माण का कार्य जारी रखते हुए आनन-फानन में अपने निर्माणाधीन भवन के ग्राउंड फ्लोर में तीन नग नए शटर लगवाकर न्यायालय के आदेश का अवहेलना करने पर भी बाज नहीं आए। इनकी शिकायत आवेदक गौरव केशरवानी ने तहसीलदार शिवरीनारायण के न्यायालय में पेशी दिवस 27 जून 2025 को किया गया। इस शिकायत पत्र में उन्होंने आनंद केड़िया के द्वारा न्यायालय के स्थगन आदेश की लगातार अवेहलना करने के लिए उनके विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराने व उनके अवैध निर्माण को तत्काल तोड़ने का निवेदन किया । इस पर तहसीलदार अविनाश चौहान ने इसे विचारण के लिए प्रकरण में लिया और इस प्रकरण की सुनवाई हेतु 3 जुलाई तय की गई। इस दौरान तहसीलदार के अधीनस्थ हल्का पटवारी ने भी इस प्रकरण को गंभीरता से लिया और और उन्होंने इस प्रकरण पर 12 जून को तहसीलदार शिवरीनारायण को प्रस्तुत अपनी पटवारी प्रतिवेदन में भोगहापारा शासकीय भूमि खसरा नं. 629 रकबा 0.121 हे. मे से 70 गुणा 30 वर्ग कड़ी जमीन पर आनंद केडिया द्वारा बेजाकब्जा कर भवन निर्माण किया जाना बताया।
न्यायालय आदेश की लगातार अवहेलना करने वाले आनंद केडिया पर इस प्रकरण में 7 पेशी के पश्चात न्यायालय तहसीलदार शिवरीनारायण अविनाश चौहान ने विधिवत कार्यवाही करते हुए आनंद केडिया पर बेदखली वारंट जारी किया । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन त्यौहार के दौरान राजस्व प्रकरणों में दो-तीन पेशी में प्रकरणों का निराकरण करने राजस्व अधिकारियों को दिए निर्देशों का भी तहसीलदार शिवरीनारायण ध्यान रखा । इस प्रकरण में आनंद केडिया को कम-कम समय के अंतराल में लगातार पेशी देकर पर्याप्त अवसर दिया गया। उनकी ओर से संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर न्यायालय तहसीलदार अविनाश चौहान ने प्रकरण पर विचारण करते हुए प्रकरण के दस्तावेज, हल्का पटवारी प्रतिवेदन, अनावेदक के जवाब तथा हल्का पटवारी का प्रति-परीक्षण के अवलोकन में यह पाया कि ग्राम भोगहापारा प.ह. नं. 8 राजस्व निरीक्षक मंडल व तहसील शिवरीनारायण के राजस्व अभिलेख में खसरा नंबर 629 रकबा 0.1 2 1 हेक्टर भूमि शासकीय मद में दर्ज है। जिसमें से 70 गुणा 30 वर्ग कड़ी भूमि पर अनावेदक आनंद उर्फ अन्नु केडिया द्वारा दो मंजिला मकान निर्माण किया गया है। जिसकी पुष्टि प्रकरण में संलग्न पटवारी प्रतिवेदन से होती है। अनावेदक आनंद उर्फ अन्नु केडिया द्वारा वाद भूमि को अपनी हक व आधिपत्य की भूमि सिद्ध करने हेतु आवश्यक साक्ष्य /वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने से यह सिद्ध हुआ कि अनावेदक आनंद उर्फ अन्नु केडिया द्वारा वाद भूमि पर अप्राधिकृत कब्जा कर मकान निर्माण कर रहा है। ऐसी स्थिति में अनावेदक आनंद उर्फ अन्नु केडिया साकिन शिवरीनारायण को वाद भूमि से बेदखल किया जाना उचित समझा गया। अनावेदक आनंद उर्फ अन्नु केडिया द्वारा ग्राम भोगहापारा प.ह. नं. 8 राजस्व निरीक्षक मंडल व तहसील शिवरीनारायण के राजस्व अभिलेख में अवस्थित शासकीय मद की भूमि खसरा नंबर 629 के रकबा 70 गुणा 30 वर्ग कड़ी पर अप्राधिकृत रूप से कब्जा किए जाने के कारण छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के प्रावधान अनुसार अनावेदक आनंद उर्फ अन्नु केडिया पिता राधेश्याम साकिन शिवरीनारायण के विरुद्ध अर्थ दंड की राशि ₹10000 मात्र अधिरोपित किया गया एवं अनावेदक को उक्त वाद भूमि पर अवैध रूप से निर्माणाधीन मकान से भी बेदखल किए जाने का आदेश 7 जुलाई 2025 को पारित किया है।इसके पूर्व आनंद केडिया के द्वारा न्यायालय के आदेश की लगातार अवमानना किए जाने पर तत्कालीन एसडीएम ने उन्हें फटकार भी लगाई थी।
00 हाईकोर्ट के निर्देश पर SDM की कार्यवाही
अपीलार्थी आनंद उर्फ अन्नू केडिया उम्र 63 वर्ष पिता स्वर्गीय राधेश्याम केडिया निवासी वार्ड क्रमांक 2 हनुमान मंदिर के पास, महंत पारा शिवरीनारायण, तहसील शिवरीनारायण जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ के द्वारा अपने अधिवक्ता एस एल थवाईत के माध्यम से न्यायालय तहसीलदार शिवरीनारायण के राजस्व प्रकरण क्रमांक 2 0 2 5 0 6 0 6 2 7 0 0 0 8 5 अ- 68 वर्ष 2024-2025 पक्षकार छत्तीसगढ़ शासन बनाम आनंद उर्फ अन्नु केडिया में पारित आदेश दिनांक 07.0 7.2025 के विरुद्ध छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 44 (1) के तहत अपील आवेदन पेश किया है। प्रकरण का संक्षिप्त तथ्य यह है कि ग्राम भोगहापारा पटवारी हल्का नंबर 08 में स्थित भूमि खसरा नंबर 629 के रकबा 70 गुणा 30 वर्ग कड़ी पर अपीलार्थी द्वारा अप्राधिकृत रूप से कब्जा कर दो मंजिला मकान निर्माण किया जाने संबंधी शिकायत/ पटवारी प्रतिवेदन के आधार पर प्रारंभ किए प्रकरण में अपीलार्थी द्वारा उपस्थित होकर इस आशय का जवाब पेश करने को उसके द्वारा अपनी निजी भूमि खसरा नंबर 625/ 11 एवं 625 /12 के अंश भाग पर तत्कालीन हल्का पटवारी द्वारा दिनांक 01.05. 2023 को किए गए नजरी नक्शा के आधार पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। किसी शासकीय भूमि पर कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है। विवादित स्थल नगर पंचायत शिवरीनारायण के क्षेत्र अंतर्गत स्थित भूमि है। इस कारण तहसीलदार को अतिक्रमण संबंधी कार्यवाही करने का अधिकार नहीं है। प्रकरण प्रारंभ करने के पूर्व विधिवत मौके का सीमांकन नहीं किया गया है। अधीनस्थ न्यायालय ने केवल हल्का पटवारी का कथन लेकर अपीलार्थी को विधिवत सुनवाई एवं साक्ष्य का अवसर प्रदान किए बिना अपीलार्थी के विरुद्ध बेदखली आदेश पारित कर ₹10000 अर्थदंड की राशि से दंडित किया गया है। जिसके विरुद्ध अपीलार्थी आनंद उर्फ अन्नु केडिया ने माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ बिलासपुर के समक्ष डब्ल्यू.पी.सी. नंबर 3639/ 2025 उत्तर वादी सहित चार अन्य के विरुद्ध संस्थित किए जाने पर माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ बिलासपुर द्वारा आदेश दिनांक 11.07.2025 पारित कर अपीलार्थी को धारा 44 (1) छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता के तहत अपील प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता के साथ 15 दिन के भीतर अपील पेश किए जाने पर अपील का निराकरण सुनवाई का यथोचित अवसर देने के पश्चात 45 दिन के भीतर अपील का निराकरण करने का निर्देश देते हुए आदेश दिनांक 07.07.2025 में पारित आदेश के प्रकाश में अपीलार्थी के विरुद्ध बल पूर्वक कदम नहीं लेने का आदेश किया है। जिसके बाद अपीलार्थी के द्वारा यह अपील प्रस्तुत किया गया है। जिसे जांजगीर एसडीएम सुब्रत प्रधान ने लंबित रखा जिसे लेकिन नवपदस्थ एसडीएम शिवरीनारायण भावना साहू ने प्रकरण की त्वरित विचारण किया।
प्रकरण में प्रस्तुत अधीनस्थ न्यायालय के दस्तावेज अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत लिखित अंतिम तर्क के आधार पर एसडीएम भावना साहू इस निष्कर्ष पर पहुंची कि न्यायालय तहसीलदार शिवरीनारायण के द्वारा अपीलार्थी को सुनवाई हेतु पर्याप्त अवसर प्रदान किया जाकर आदेश पारित किया गया है। अपीलार्थी द्वारा अपील आवेदन में तत्कालीन हल्का पटवारी द्वारा दिनांक 01.05.2023 को जारी किए गए नजरी नक्शा का उल्लेख किया गया है। परंतु अपीलार्थी द्वारा उक्त संबंध में किसी भी प्रकार का प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है। हल्का पटवारी द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन,पंचनामा एवं नजरी नक्शा में स्पष्ट रूप से प्रतिवेदन है कि अपीलार्थी द्वारा शासकीय भूमि खसरा नंबर 629 रकबा 0.121 हेक्टेयर भूमि पर 70 गुणा 30 वर्ग कड़ी पर निर्माण कर अतिक्रमण किया गया है।(ज्ञान सिंह एवं अन्य श्रीमती गीता अग्रवाल एवं अन्य 2020(4) छ.ग. लॉ.ज. 1) – संहिता 1959 की धारा 248 के प्रावधान नगर निकाय क्षेत्रों में लागू होना अवधारित किए है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह स्थापित हो चुका है कि संहिता की धारा 248 के प्रावधान में नगर निकाय क्षेत्र की भी लागू होते हैं। तहसीलदार शिवरीनारायण द्वारा अधिकारिता क्षेत्र के भीतर विधि सम्मत कार्यवाही किया गया है। प्रकरण में तहसीलदार शिवरीनारायण द्वारा पारित आदेश दिनांक 07.07.2025 विधि सम्मत होने के कारण हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। पारित आदेश दिनांक 07.07.2025 स्थिर रखा जाता है। अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत अपील आवेदन सारहीन एवं तथ्यहीन होने के कारण खारिज कर दिनांक 10.03.2026 को खुले न्यायालय में आदेश पारित एवं घोषित की गई।
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