रायपुर। बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाले में CBI के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री हो गई है। ED इस मामले में लॉन्ड्रिंग की जांच करेगी। जेल में बंद CGPSC के पूर्व चेयरमैन एवं रिटायर्ड IAS अधिकारी टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया है। स्पेशल कोर्ट ने सोनवानी को एक सप्ताह की रिमांड पर ED को सौंप दिया है। CBI ने 2 साल पहले CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया था। उनके साथ बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया था। CBI का आरोप है कि CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं हुईं और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत अन्य पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेन-देन हुआ। CBI के अनुसार सोनवानी के कार्यकाल में हुई भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। उसने अपने कई करीबी रिश्तेदारों, कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के 18 रिश्तेदारों की नौकरी लगवाई है। जांच में पैसों के लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं। CBI की जांच में यह खुलासा हुआ है कि टामन सोनवानी ने परीक्षा के पर्चे अपने घर पर साहिल, नीतेश, उसकी पत्नी निशा कोसले और दीपा आडिल को दिए। इसके बाद उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर ने लीक हुआ पेपर बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी के डायरेक्टर श्रवण गोयल को दिया। श्रवण गोयल के बेटे शशांक और बहू भूमिका ने इसी लीक पेपर से तैयारी की और दोनों डिप्टी कलेक्टर बन गए।
जानकारी के अनुसार प्रश्नपत्र छापने का काम कोलकाता की एक प्रिंटिंग कंपनी को दिया गया था। जनवरी 2021 में कंपनी का कर्मचारी महेश दास 7 सेट प्रश्नपत्र लेकर रायपुर आया और सभी पर्चे आरती वासनिक को दिए। आरती पर्चे अपने घर ले गईं, जहां टामन और ललित के साथ मिलकर उनकी कॉपी की गई। इसके बाद पर्चों को दोबारा सील कर प्रिंटिंग के लिए वापस भेज दिया।
यह मामला CGPSC 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।
इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं। बता दे CGPSC परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को आयोजित किया गया था। इसमें 2 हजार 565 परीक्षार्थी पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी जारी किया गया था।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरJuly 25, 2026CGPSC भर्ती घोटाला : CBI के बाद अब ED के शिकंजे में आया सोनवानी, 7 दिन की रिमांड में लिया
बिलासपुरJuly 25, 2026मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन “एल्यूरिंग” 2026 का ताज जीतने वाली एंजेल ने कहा – सपनों की कोई उम्र नहीं होती, मुझे गर्व है कि मैं बिलासपुर का नाम रोशन किया
बिलासपुरJuly 24, 2026धार्मिक यात्रा में गए व्यापारी के घर सेंधमारी, लाखों के गहने और नगदी पार
बिलासपुरJuly 22, 2026निष्क्रिय और डरपोक विधायक है अमर, न सदन में सवाल पूछता है न सड़क की लड़ाई लड़ता है – शैलेश
