बलौदाबाजार। जिले में स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) का फर्जी हस्ताक्षर करके ट्रांसफर आदेश बनाने का बड़ा मामला सामने आया है। मामला सामने आते ही पुलिस ने भाजपा के जिला महामंत्री समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। पार्टी ने अपनी इज्जत बचाने के लिए दो पदाधिकारियों को हटा दिया है।
पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला तब सामने आया जब पलारी के BMO (खंड चिकित्सा अधिकारी) ने 17 अगस्त 2026 को थाने में एक लिखित शिकायत की। शिकायत में BMO ने बताया कि रोहांसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन ने कार्यालय में अपना ट्रांसफर और रिलीविंग ऑर्डर (कार्यमुक्ति आदेश) जमा किया था। आदेश में ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन का स्थानांतरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोपर, विकासखंड भाटापारा किया गया है। इस ट्रांसफर आदेश में बलौदाबाजार-भाटापारा के CMHO (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) कार्यालय का फर्जी आदेश क्रमांक और 14 अगस्त 2026 की तारीख दर्ज थी। आदेश में करण का तबादला मोपर स्वास्थ्य केंद्र में किया गया था। विभागीय जांच में सामने आया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से करण कुमार देवांगन के स्थानांतरण को लेकर ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। इतना ही नहीं आदेश पर किए गए हस्ताक्षर को भी संबंधित अधिकारी ने अपना हस्ताक्षर होने से इनकार कर दिया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 17 अगस्त को खंड चिकित्सा अधिकारी पलारी को पत्र जारी कर मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। विभाग की ओर से यह भी बताया गया कि करण कुमार देवांगन राज्य संवर्ग के कर्मचारी हैं और उनके स्थानांतरण का अधिकार राज्य शासन के पास है। साथ ही उस समय स्थानांतरण पर प्रतिबंध होने की जानकारी भी विभाग की ओर से दी गई।
बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा की शिकायत के बाद पलारी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उनके बयान दर्ज किए। पुलिस की शुरुआती जांच में यह साफ हो गया कि सरकारी अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर करके यह नकली ट्रांसफर ऑर्डर तैयार किया गया है। आरोपी ने इस फर्जी दस्तावेज को असली सरकारी आदेश बताकर दफ्तर में जमा भी कर दिया था।
इस बड़े खुलासे के बाद पुलिस ने करण कुमार देवांगन और उसके मददगारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पलारी पुलिस ने मामले में धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5) BNS के तहत अपराध दर्ज किया। मामले में जांच और पूछताछ के बाद भाजपा के जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी और जिला उपाध्यक्ष पुनिराम पटेल के अलावा रवि कुमार सेन और करण कुमार देवांगन का नाम सामने आया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किसकी क्या भूमिका थी और फर्जी आदेश किस स्तर पर तैयार किया गया इसकी जांच अभी की जा रही है।
00 गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई- दो पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद भाजपा संगठन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। पार्टी ने जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी और जिला उपाध्यक्ष पुनिराम पटेल को उनके संगठनात्मक दायित्वों से मुक्त कर दिया है। पार्टी की यह कार्रवाई पुलिस जांच से अलग संगठनात्मक स्तर पर की गई कार्रवाई मानी जा रही है।
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