टूलकिट मामले में सियासी बवाल, सुबह गिरफ्तारी देने खुद ही सिविल लाइन पहुंचे रमन सिंह तो शाम को पूछताछ करने पुलिस पहुंच गई उनके घर

रायपुर। टूलकिट मामले में सोमवार को दिनभर प्रदेश का सियासी पारा गर्म रहा। सुबह पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह गिरफ्तारी देने सिविल लाइन पहुंचे तो शाम को पुलिस पूछताछ करने के लिए उनके घर पहुंच गई। रमन सिंह ने पुलिस के सवालों के जवाब लिखित में बनाकर रखे थे जिसे उन्होंने पुलिस को दे दिया। इस दौरान जब पुलिस ने ट्विटर अकाउंट का एक्सेस मांगा तो उन्होंने देने से साफ इंकार कर दिया।

टूलकिट मामले में प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। सोमवार को इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह गिरफ्तारी देने सिविल लाइन थाना पहुंचे। उनके साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत मौजूद रहे। सभी नेता बोलने की आजादी का सम्मान करो का बोर्ड हाथों में लिए सिविल लाइन थाने के बाहर धरने पर बैठे। धरने के दौरान पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा कि ये एक सोची-समझी साजिश है ये प्रजातंत्र में आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। संबित पात्रा जितना राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में आक्रमण करते हैं उतनी ही सोनिया गांधी, राहुल गांधी की बौखलाहट बढ़ रही है और प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उनके इशारों पर काम करते हैं। दबाव बनाकर, आतंकित कर संबित पात्रा को बोलने से रोकने की कोशिश की जा रही है। रमन सिंह ने कहा कि हमने चुनौती दी है कि कांग्रेस को जितने FIR करने हैं करवा ले, बीजेपी का एक-एक कार्यकर्ता इस मुहिम में जुट गया है।

धरना समाप्त होने के बाद रमन सिंह बंगले पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया से चर्चा की और कहा कि कांग्रेस सुनियोजित रूप से षड़यंत्र कर भारतीय जनता पार्टी की छवि को खराब करने के लिए टूलकिट केस का यूज कर रही है। राज्य सरकार झूठे मामले बनाकर FIR कर रही है। इस मामले का संचालन सिविल लाइन थाने से नहीं हो रहा है, बल्कि कांग्रेस कार्यालय से CM के इशारे से हो रहा है। सोनिया और राहुल गांधी के इशारे पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी परिवार के खिलाफ तथ्यात्मक मुद्दे उठाए हैं। इस मुद्दे को लेकर हम सड़क से कोर्ट तक जाएंगे।

00 धरना समाप्त होने बाद पुलिस पहुंची पूछताछ करने

टूल कीट मामले में पूछताछ करने के लिए सोमवार को पूर्व CM डॉक्टर रमन सिंह के घर पुलिस पहुंची। VIP रोड स्थित आवास मौलश्री विहार में पुलिस पहुंची तो वहां श्री सिंह उपस्थित थे। पुलिस की टीम में CSP नसर सिद्दीकी के अलावा सिविल लाइन थाना प्रभारी और दो और पुलिस कर्मचारी उपस्थित थे। पूछताछ के लिए गई पुलिस 15 मिंटट में वापस निकल गई।

पूछताछ के दौरान पुलिस ने रमन सिंह से ट्विटर अकाउंट का एक्सेस मांगा जिसे उन्होंने देने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वो उनकी बेहद पर्सनल अकाउंट है, अपनी प्राइवेसी वो शेयर नहीं कर सकते। पुलिस ने पहले ही 4 सवाल डॉक्टर रमन को भेजे थे। सभी का लिखित जवाब डॉक्टर रमन ने पहले ही तैयार रखा था, वो अफसरों ने लिया और वापस लौट गए।

00 पुलिस के सवाल और डॉ. रमन सिंह के जवाब

जिस अकाउंट की शिकायत मिली है, क्या वो ट्विटर अकाउंट आपका है ?

– जी हां, वह ट्विटर अकाउंट मेरा पर्सनल है ।

आपके टि्वटर अकाउंट का एक्सेस बताएं?

– मेरा ट्विटर पेज एवं उसमें पोस्ट किए गए मैसेज और कमेंट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। उसको आपके द्वारा किसी भी प्लेटफार्म पर पढ़ा जा सकता है। मेरे ट्विटर अकाउंट में व्यक्तिगत जानकारियां हैं, इसलिए अकाउंट के चाहे गए एक्सेस कानूनी तौर पर आपको देना सही नहीं है। उससे मेरी निजता के मौलिक अधिकारों का हनन होगा।

आपको AICC रिसर्च प्रोजेक्ट और कांग्रेस से सम्बंधित दस्तावेज खान से मिले।

– 18 मई को जो दस्तावेज मैंने पोस्ट किए हैं, वह पहले से ही सार्वजनिक रूप से उपलब्ध थे और प्रसारित हो रहे थे।

कांग्रेस टूलकिट एक्सपोज्ड हेशटैग का प्रयोग करते हुए आपके द्वारा अन्य आरोपियों (संबित पात्रा) से किए गए संचार-संवाद के संबंध में जानकारी ?

– हेशटैग से जुड़े जो संचार संवाद हुए हैं, वह सभी मेरे ट्विटर पेज पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।

00 मैंने राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर ट्वीट किया

अपने लिखित जवाब में रमन सिंह ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी लोगों को दिग्भ्रमित करने के लिए षड़यंत्र कर रही है. कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को भारत सरकार की ओर से चलाए जा रहे योजनाओं और कार्यक्रमों को बाधित और बदनाम करने के लिए निर्देशित कर रही है. इस कृत्य से दुखी और व्यथित होकर मैनें जनता को सही तथ्य बताने के उद्देश्य से 18 मई को ट्वीट किया था. ट्वीट का उद्देश्य सत्य को सामने लाना और जन सामान्य में बनी भ्रांति को दूर करना था. मैंने राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर ट्वीट किया था. जनता में जागरूकता लाने के उद्देश्य से किया गया था. जिस पर एक बार फिर से सरकार के दबाव में आधारहीन FIR की गई है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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