कोलवाशरी की स्थापना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, 11 जुलाई को खरकेना के जनसुनवाई में पहुंचेंगे 8 गांव के ग्रामीण

बिलासपुर। कोटा और तखतपुर के बीच स्थापित होने वाले कोल वाशरी को लेकर ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया है। पिछले दिनों पथर्रा में हुई जनसुनवाई में ग्रामीणों के अलावा सरपंचों ने इसका विरोध किया है। अब दूसरी सुनवाई 11 जुलाई को खरगहना में सुनवाई होना है। ग्रामीण एकबार फिर से कोलवाशरी का विरोध करने के लिए एकजुट हो चुके है।

तख़तपुर और कोटा के बीच मेसर्स महावीर कोल् वाशरी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा खोले जा रहे कोल् वाशरी का प्रभावित आठ ग्राम पंचायतों के सरपंच विरोध कर रहे है। इसके बावजूद जन सुनवाई की जा रही है इससे स्पष्ट है कि शासन जन भावनाओ को नज़र अंदाज़ कर कोल् वाशरी खोलने पर आमादा है। दरअसल मेसर्स महावीर कोल् वाशरी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा क्षेत्र में खोले जा रहे कोल् वाशरी के लिए प्रभावित हो रहे तख़तपुर के खरगहना, खरगहनी, गोकुलपुर और भरारी तथा कोटा क्षेत्र के पिपरतराई, छेरकाबाँधा, पथर्रा, खुरदूर के ग्रामीणों को जनसुनवाई के लिए 4 अगस्त को पथर्रा बुलाया गया था। यहां की जन सुनवाई में सरपंचों ने लिखित में आपत्ति दर्ज कराते हुए कोल् वाशरी लगाये जाने का विरोध किया। जनप्रतिनिधियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि कोलवासरी खुलने से आसपास के गांवों का पर्यावरण प्रदूषित होगा। पर्यावरण के प्रदूषित होने से आसपास के लोगो के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्हें खासी, अस्थमा, स्वास लेने में तकलीफ सहित अन्य बीमारियों का खतरा निकलने वाले डस्ट के कारण बढ़ जाएगा। किसानों की सैकड़ो एकड़ उपजाऊ जमीन बंजर हो जाएगी, कोल् वाशरी से निकलने वाले अवशिष्ट पदार्थ से आसपास के किसानों के खेतो की फसल नष्ट हो जाएगी। किसानों का जमीन बर्बाद हो जाएगा। धान, गेहूं, सब्जी की फसले अधिक मात्रा में प्रभावित होगी और फसल काली हो जायेगी। कोल् वाशरी में चलने वाले भारी वाहनों जैसे-हाइवा, ट्रक, टेक्टर की बार-बार आवाजाही से सड़कें जर्जर हो जाएंगी। इससे आस पास लोगो के दुर्घटना होने और आवागमन में परेशानी के साथ यात्रा दूभर हो जाएगा। जिला काँग्रेस कमिटी के सचिव बिहारी सिंह टोडर ने बताया है कि सरपंचों के साथ मिलकर हमारे द्वारा आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद भी 11 अगस्त को पुनः खरग्रहना में जनसुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। हम इसका भी विरोध करेंगे और अपनी बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जाकर रखेंगे।यदि वहां भी समस्या का समाधान नही होगा तो उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कोल् वाशरी की स्थापना को रोकेंगे। किसी भी कीमत पर यहाँ वाशरी संचालित नही होने देंगे।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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