स्मार्ट सिटी के “खजांची” नहीं जानते 80 करोड़ कहां खर्च हुए ? जानकारी एकत्र करने में लगेंगे 15 दिन

बिलासपुर। स्मार्ट सिटी बनाने वाले अधिकारियों के पास अभी तक कितने खर्च हुए और किस-किस निर्माण और खरीदी में खर्च हुए, इसकी जानकारी नहीं है। जानकारी मांगने पर स्मार्ट सिटी के जीएम वित्त खजांची कुम्हार 15 दिन का समय मांगते है कहते है रिकार्ड इकट्ठा करने में वक्त लगेगा। मतलब साफ है इस हाईटेक जमाने मे भी हिसाब कम्प्यूटर में नही है। जबकि स्मार्ट सिटी में अभी 3 हजार करोड़ रुपए आने है।

स्मार्ट सिंटी में अब तक 80 करोड़ रूपए खर्च हो चुके हैं। अधिकारी भी स्वीकार करते है कि अभी तक निर्माण कार्य और खरीदी में 80 रोड रुपए खर्च हो चुके है। लेकिन अधिकारियों से पूछा जाय कि किस काम मे कितने खर्च हुए तो बगलें झांकने लगते है। स्मार्ट सिटी के जीएम वित्त अपने सामने वाले कमरे में बैठे जीएम तकनीक पीएन साहू के पास भेज देते है और जब जीएम तकनीक से पूछो तो कहते है कि कितना खर्च हुआ, किस चीज में खर्च हुआ ये तो जीएम वित्त ही बता सकते है। वो केवल ये बता सकते है कौन का काम पूर्ण हो गया है कौन सा काम चल रहा है। टेक्निकल जीएम साहू ने बताया कि फिलहाल शहर में स्मार्ट सिटी का काम व्यापार विहार सड़क,प्लेनेटोरियम की सामने वाली सड़क, अरपा प्रोजेक्ट सड़क में हो रहा है। यद्यपि गौरव पथ स्मार्ट सिटी का हिस्सा नहीं है। बावजूद इससे कुछ छोटे मोटे काम समेत कुछ पेन्टिंग वर्क किया जा रहा है। जब दोनों अधिकारियों के आमने-सामने बात करने पर जीएम खजांची कुम्हार जानकारी एकत्र करने में 15 दिन का समय लगेगा कहते हुए अपने चेम्बर से बाहर निकल जाते है।

अधिकारियों के रवैए से साफ है कि स्मार्ट सिटी का काम अभी भी बैलगाड़ी के जमाने वाली चल रही है। कम्प्यूटर में उनके पास कोई जानकारी नहीं है या फिर अधिकारी जानबूझकर जानकारी देने से बचना चाह रहे है। कुल मिलाकर अधिकारियों का रवैया कई तरह के संदेहों को जन्म दे रहा है। स्मार्ट सिटी के काम की शुरुआत में ही अधिकारी योजना को मिट्टी पलीद करने में लगे हुए है। हां इतना जरूर है कि अधिकारियों ने अपना चेम्बर कारपोरेट ऑफिस जैसा बनवा लिया है। लेकिन कार्पोरेट ऑफिस बनवा लेने से ये शहर स्मार्ट सिटी नहीं बन जाएगा, कामकाज का तरीका भी बदलकर हाईटेक करना पड़ेगा। बैलगाड़ी के जमाने वाले कामकाज के ठर्रे से बाहर निकलना पड़ेगा। बताते चलें कि बिलासपुर शहर देश के 100 स्मार्ट शहरों में शामिल है। स्मार्ट सिटी प्रशासन नगर विकास पर अब तक 80 करोड रूपए खर्च कर चुका है। स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन में जमकर भर्राशाही की शिकायत सामने आ रही है। अधिकारी कुछ भी बताने से ना केवल बच रहे हैं। बल्कि हर बात की जानकारी के लिए एक दूसरे अधिकारी को जिम्मेदार होने की बात कह रहे हैं।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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