बिलासपुर। पुलिस ने ऑन लाइन ठगी करने वाले दो लोगों को मध्यप्रदेश से पकड़कर लाई है। आरोपी देशभर के लोगों को अपना शिकार बनाते थे। इसके लिए आरोपी न केवल अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल नंबर का उपयोग करते थे, 10 अलग अलग बैंकों में 15 से अधिक खाते भी खोल रखे थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार झा के निर्देशन में साइबर अपराध पर लगाम कसने हेतु चलाये जा रहे अभियान साइबर क्लीन के अंतर्गत जिले में लगातार कार्यवाही जारी है। इसी क्रम में 23 अगस्त को रिपोर्ट प्राप्त हुई कि ग्राम अमसेना के दिव्यांग सरजूदास मानिकपुरी उम्र 40 वर्ष को 25 लाख रूपये लाटरी लगने का झांसा देकर 4.18 लाख रूपये ठग लिए और अभी भी नम्बर बदल बदल कर प्रार्थी को झांसा दे रहे है। जिसकी रिपोर्ट पर अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एक टीम बनाकर झाँसी रवाना किया गया जहाँ पहुचकर तकनिकी साक्ष्यो द्वारा आरोपियों की पतासाजी प्रारम्भ की गयी। परन्तु मामला ज्यादा पुराना होने से आरोपियों को ट्रेस करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। पुलिस द्वारा योजनाबद्ध तरीके से प्रार्थी के माध्यम से अज्ञात आरोपी जिससे लगातार संपर्क जारी था को पैसा डालने के लिये खाता की जानकारी मांगी गयी तो आरोपी झांसे में आकर खाते की जानकारी दे दिया। जिसमे 5000 रूपये डाले गये। जिसके आधार पर तकनिकी जानकारी के अनुसार आरोपी अंकुश सिंह यादव एवं योगेन्द्र अहिरवार की जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही इनका निवास MP के नौरा ग्राम में होना पता चला, जो थाना टेहरका क्षेत्र में मिला। तब थाना टेहरका से संपर्क करने पर पता चला पूरा गाँव साइबर अपराध में संलग्न है और पकड़ने पर पुलिस को हिंसक तरीके से खदेड़ने की परम्परा की जानकारी हुई। थाना टेहरका के स्टाफ की मदद से आरोपियों को दबिश देकर अभिरक्षा में लिया गया। जिसने सम्बंधित मोबाइल, सिम, कंप्यूटर आदि बरामद किया गया। अब तक आरोपियों के 10 अलग अलग बैंको में 15 खाते का पता चला है जिसमे केवल विगत 02 वर्षो के भीतर आरोपी अंकुश के 05 खातो में करीबन 1.21 करोड़ का लेन देन हुआ है एवं आरोपी योगेन्द्र के 02 खातो से 8.5 लाख का लेन देन हुआ है। जिनमे से बैंक खातो में रखे 7 लाख रूपये सीज किये जा चुके है। जिरोधा शेयर app में करीबन 5 लाख रुपये होने की जानकारी मिली है जिसकी जांच जारी है।आरोपियों द्वारा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिसा, मप्र आदि राज्यों में लोगो को फोन पर झांसा देकर रकम ठगी करने का कार्य कर रहे थे। प्रकरण को सुलझाने में थाना प्रभारी यू.एन. शांत कुमार साहू, asi शीतला त्रिपाठी, आरक्षक वीरेन्द्र साहू, आरक्षक प्रशांत महिलांगे, आरक्षक कृष्णा कपूर एवं साइबर सेल से आरक्षक दीपक एवं विकास राम की प्रमुख भूमिका रही।
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