ग्राम सभा में रेत की अवैध खुदाई का विरोध करने वालों के खिलाफ कोनी थाने में किया जा रहा FIR, कछार गांव का है मामला, ग्रामीणों में भयंकर आक्रोश

बिलासपुर। कोनी थाने की पुलिस रेत माफियाओं के निजी नौकरों की तरह काम कर रही है। ग्राम सभा मे रेत की अवैध खुदाई का विरोध करने वालों के खिलाफ ही चुन-चुनकर जुर्म दर्ज कर रही है। जिन ग्रामीणों के वोट से चुनाव जीतकर सरपंच बनी है वही सरपंच रेत माफियाओं से मिलकर ग्रामीणों के खिलाफ जुर्म दर्ज करा रही है। समय रहते अधिकारी इस मामले में दखल नहीं दिया तो गांव में कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है। क्योंकि ग्रामीण रेत माफियाओं की मनमानी से अंदर ही अंदर सुलग रहा है।

बिलासपुर से लगे सेन्दरी, कछार और लोफदी गांव में रेत की अवैध खुदाई करने वालों के हौसले इतने अधिक बुलंद हैं कि अब वे रेत की अवैध खुदाई का विरोध करने वालों के खिलाफ ही ना केवल धमकी चमकी का उपयोग कर रहे हैं। वरन उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की तर्ज पर उनके खिलाफ ही थाने में मनमाने ढंग से रिपोर्ट लिखवा कर पुलिस कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं। ताजा मामला कछार ग्राम पंचायत का है। वहां महिला सरपंच की आड़ में रेत माफिया के द्वारा ना केवल रेत और मिट्टी की अवैध ढंग से खुदाई की जा रही है। इसी खुदाई से हुए गड्ढे में बीते दिनों एक बालक की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद कछार गांव में रेत माफिया की दादागिरी और अवैध खुदाई बंद होने का नाम नहीं ले रही है। 2 दिन महात्मा गांधी की जयंती पर और सभी ग्राम पंचायतों की तरह कछार गांव में भी पंचायत की ग्राम सभा हुई। इस ग्राम सभा में ग्रामीणों ने अवैध तरीके से की जा रही रेत और मिट्टी की खुदाई को लेकर सरपंच तथा सचिव से जवाब सवाल किया। ग्रामीणों के आगे रेत माफिया के इशारे पर अवैध खुदाई में संलग्न सरपंच की दाल नहीं गली। जानकारी मिली है कि इससे खुन्नस पालते हुए सरपंच और सचिव के द्वारा कई लोगों के खिलाफ चुन चुन कर कोनी तथा महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है, जो ग्राम सभा में जो अवैध रेत खुदाई का विरोध कर रहे थे। कोनी पुलिस में तैनात अधिकांश पुलिस कर्मियों की रेत माफिया से सांठगांठ ओपन सीक्रेट बात है। इसलिए उनके द्वारा रेत माफिया के इशारे पर सरपंच और सचिव के जरिए अवैध खुदाई का विरोध करने वालों के खिलाफ दर्ज शिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर रेत माफिया के प्रति अपना नमक अदा किया जा रहा है।
पुलिस की इस कार्रवाई और सरपंच द्वारा लिखाई गई झूठी रिपोर्ट को लेकर पूरे गांव में भयंकर आक्रोश का माहौल है। कायदे से उच्चाधिकारियों को इस मामले में दखल देकर दूध का दूध और पानी का पानी करना चाहिए।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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