बिलासपुर। DFO कुमार निशांत अपने उल्टे-सीधे कामों के लिए चर्चित होते जा रहे है। ताजा मामला राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत कर्मचारी को प्रताड़ित करने का आ रहा है। कर्मचारी से उन्हें क्या खुन्नस है ये तो वो ही बता सकते है लेकिन उनका दो बार स्थान्तरण कर मनोबल गिरने का काम कर रहे है। जबकि वो राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी है और वन विभाग की शान है। इस मामले में DFO ने PCCF के आदेश को भी दो कौड़ी का मानते हुए कोई परवाह नही की।

वन विभाग का एक कर्मचारी जिसे राष्टपति द्वारा सम्मानित किया गया है वह DFO से लगातार अपमानित हो रहा है। बार-बार तबादले का शिकार भी हो रहा है। ऐसे पीड़ित कर्मचारी ने अपने सारे सम्मान प्रशस्ती पत्र, मेडल आदि को लौटाने की घोषणा कर दी है।
छत्तीसगढ़ शासकीय अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के महासचिव रोहित तिवारी तथा वन विभाग वाहन चालक संघ के विधि सलाहकार अधिवक्ता सोमनाथ वर्मा ने आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि बिलासपुर वन मंडल अधिकारी कुमार निशांत के आतंक एवं कार्यप्रणाली से अधीनस्थ काम करने वाले कर्मचारी त्रस्त है। अधीनस्थ स्टाफ से पद के विपरीत काम लेना, दबाव बनाना, शासन के नियमो को ताक में रखकर कार्य करना एवं अधीनस्थ स्टाफ से दुर्व्यवहार इनकी दिनचर्या बन गई है।
संघ को जानकारी मिली है कि विभाग के अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी राज कुमार पांडेय को न केवल प्रताड़ित कर रहे है बल्कि बार – बार तबादला करके उन्हें हतोत्साहित कर रहे है। जबकि शासन का निर्देश है कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मुख्यालय में ही रखना है। लेकिन शासन के नियमों को ताक में रखकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण किया जा रहा है। यही नहीं वन मंडल अधिकारी द्वारा लिपिक वर्ग का कार्य गैर लिपिक संवर्ग से लिया जा रहा है। विभाग के लगभग सभी वर्ग के कर्मचारी इनसे त्रस्त है। राष्ट्रीय , अंतराष्ट्रीय खिलाडी राजकुमार पांडेय ने फेडरेशन को अवगत कराया है कि यदि 11 अक्टूबर तक उनकी पूर्व अनुसार पद स्थापना नहीं रहती तो वह वन विभाग की प्रतिनिधित्व करते हुए उनके द्वारा जीते सभी मेडल विभागों को वापस किए जाएंगे एवं कर्मचारी विरोधी अधिकारी का फेडरेशन पुरजोर विरोध करता है। यदि समय सीमा में इनका रवैया नहीं सुधरा तो कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघके प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी एवं अधिवक्ता सोमनाथ वर्मा ने बताया राजकुमार पांडेय विभाग में भारी वाहन चालक के पद पर पदस्थ है साथ ही कर्मचारी संघ का पदाधिकारी भी है। उसने राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर पर 22 गोल्ड मेडल, 6 सिल्वर मैडल तथा 12 कांस्य पदक प्राप्त किया है। उसने 30 मोमेंटो तथा हजारों प्रशस्ति पत्र भी हासिल किया है उसे राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। मगर वन मंडल अधिकारी द्वारा उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। राजकुमार पांडे का नियम विरुद्ध तबादला किए जाने पर शिकायत पश्चात प्रधान मुख्य संरक्षक ने उसका तबादला निरस्त किया। उसके बाद भी वन मंडल अधिकारी द्वारा उसका तबादला बेलगहना कर दिया गया। इस राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय खिलाडी को मुख्यालय में ही रखने के आदेश सरकार का है। साथ ही उसे प्रतिदिन दो घंटे पहले छुट्टी देने का प्रधान है, लेकिन यह सुविधा राजकुमार पांडे को न देकर जीम के प्रभार से हटाते हुए उसे शोकाज नोटिस तक जारी कर दिया गया।
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