बिलासपुर। वंदना मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉ विजय कुमार ने एक डेढ़ वर्षीय बच्चे आनंद का बेहद कठिन ऑपरेशन करके एक परिवार को खुशियों से भर दिया है। ऑपरेशन बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है। उनके माता-पिता डॉक्टरों के इस प्रयास से बेहद खुश है। वंदना हॉस्पिटल ने बच्चे का इलाज पूरी तरह से निःशुल्क किया गया। बच्चे के माता-पिता से दूसरे हॉस्पिटल के विशेषज्ञों की सेवा का फीस लिया गया है।

वंदना हॉस्पिटल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया आनंद माता-पिता सुनीता एवं शंकर करीमगंज, डिब्रूगढ़ आसाम के रहने वाले है। दोनों मजदूरी करके जीवन-यापन करते है। डेढ़ वर्ष पहले आनंद का जन्म हुआ था तब उसके सिर के पीछे एक गठान थी। जो समय के साथ धीरे धीरे बढ़ रही थी। असम के कई हॉस्पिटल और मेडिकल कालेज ने ऑपरेशन करने से हाथ खड़ा कर दिया था और एम्स दिल्ली के लिए रिफर कर दिया। लेकिन बच्चे के माता पिता उसे दिल्ली ले जाने में असमर्थ थे। कुछ आर्थिक सहायता मिलने के बाद जब एम्स गए तो पहले 16 दिन भटकते रहे फिर उन्हें ऑपरेशन के लिए जून 2022 का डेट मिला।

इसी बीच बच्चे के दादा का सम्पर्क डॉ विजय कुमार के ससुर डी एस पात्रे से हुआ। उन्होंने बच्चे को बिलासपुर लाने की सलाह दी। यहां पर समाज के अलावा कई लोगों ने उनका हर तरह से मदद किया। फिर बच्चे को वंदना हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। इसके बाद डॉ विजय कुमार के नेतृत्व में बेहद जटिल ऑपरेशन किया गया। डॉ विजय कुमार ने बताया कि पूरे ऑपरेशन 4 घंटे से ज्यादा लगे और इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए डॉ भूषण सिंग (एनेस्थीसिया), डॉ शशांक (पीडियाट्रिक्स) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऑपरेशन के बाद बच्चे के इलाज और देखरेख करने में वंदना हॉस्पिटल के डॉ संतोष उद्देश्य, डॉ राजेश्ववरी उद्देश्य, डॉ मनोज चंद्राकर, डॉ अनीश के अलावा ओटी स्टाफ के भानु, शिव, मोती, नन्दनी, शिल्पी, मंगलीन के साथ ICU के स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। बच्चे के इलाज में कोई भी शुल्क नहीं लेने का निर्णय वंदना हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ चंद्र शेखर उइके और डॉ वंदना उइके ने लिया।

00 मंत्री ने किया सहयोग
बच्चे के इलाज में नगरीय प्रशाशन मंत्री डॉ शिव डहरिया और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शगुन डहरिया ने भी बच्चे के इलाज में मानवीय तौर पर आर्थिक सहायता प्रदान की।
00 बेहद कठिन था ऑपरेशन
न्यूरो सर्जन डॉ विजय कुमार ने बताया कि बच्चे का ऑपरेशन बेहद कठिन था। क्योंकि बच्चे को पेट के बल लिटाकर ऑपरेशन करना था। इसके अलावा ब्रेन डेमेज होने का भी खतरा था। लेकिन सबके सहयोग से बच्चा आज पखवाड़ेभर बाद स्वस्थ हो चुका है।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरMay 3, 2026मोपका में युवक की हत्या, 3 आरोपी और 2 नाबालिग गिरफ्तार, क्या है हत्या का कारण…, पढ़े खबर…
बिलासपुरMay 3, 2026जेल जा सकते है चार अधिवक्ता, अग्रिम जमानत आवेदन खारिज, फर्जी दस्तावेज पेश कर मुआवजा के लिए लगा दिया था आवेदन
कांकेरMay 2, 2026IED ब्लास्ट में DRG के चार जवान शहीद, बारूदी सुरंग को कर रहे थे निष्क्रिय
बिलासपुरMay 2, 2026आयुक्त ने किया वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक को निलंबित, अवैध उगाही का वीडियो हुआ था वायरल, फोकट में कोल्ड ड्रिंक भी पिया
