फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी गिरफ्तार, वसूले थे ईसाई मिशनरी संस्था “राहा” से 30 लाख रुपए

जशपुए। आयकर अधिकारी बनकर RAHA नामक संस्था से 30 लाख रुपए की ठगी करने वाला ब्यक्ति पुलिस के गिरफ्त में आ गया है। नकली इनकम टैक्स अधिकारी ने ईसाई मिशन की समाजसेवी संस्था RAHA से 30 लाख रुपये की ठगी की थी। संस्था प्रमुख ने पत्थलगांव एसपी से इस मामले मे शिकायत की थी।

मिली जानकारी के अनुसार सिस्टर एलिजाबेथ ने थाने में शिकायत की थी की उनकी संस्था राहा में 2009 से रामानन्द सिंह एम.आई.एस. मैनेजर के पद पर कार्यरत रहा था। जिसे संस्था ने बार-बार अनुशासनहिनता की चेतावनी दिए जाने पर जून 2021 में त्यागपत्र ले लिया गया था। चूंकि रामानंद सिंह मैनेजर के पद पर कार्यरत था, इस कारण उसे संस्था की समस्त जानकारी थी। हमारी संस्था राहा के नाम पर ग्राम बकना, तह. राजपुर (बलरामपुर) में जमीन है। जिसे संस्था की ओर से बिक्री करने का सौदा अम्बिकापुर के विनोद अग्रवाल वगै० से मई 2021 में किया गया है। जमीन के रजिस्ट्री में शासकीय मूल्यांकन के अनुसार लगभग 55 लाख रूपये का स्टाम्प ड्युटी देय है, चूंकि विक्रय मूल्य एक बड़ी धनराशि है। जमीन के रजिस्ट्री के लिये स्टाम्प पेपर की खरीदी की जानी थी जिसके लिये 30 लाख रूपये नगद विनोद अग्रवाल और उनके ९ हिस्सेदारों द्वारा मेरे कार्यालय में 25.07.2021 को पहुंचाया था और शेष 25 लाख रूपये एक सप्ताह बाद देने की बात हुई थी। ताकि स्टाम्प खरीदी हेतु 55 लाख रूपये संस्था की ओर से मेरे द्वारा चालान के जरिये जमा कराया जाता। मेरे कार्यालय में 32 लाख रूपये नगद होने की जानकारी रामानन्द सिंह को थी और उसे 27 जुलाई को कार्यमुक्त कर दिया गया था। 31.07.2021 को दिन के 1 बजे के करीब एक व्यक्ति मेरे कार्यालय में आया और अपने आप को आयकर अधिकारी होना बताकर मेरे पूरे कार्यालय को आयकर अधिकारियों द्वारा घेरे जाने की जानकारी देते हुए कहा कि अपने किसी पुरूष कर्मचारी को अपने मदद के लिये बुला ले जिससे आपके कार्यालय की पूरी जानकारी हो, क्योंकि मुझे आपके पूरे कार्यालय की तलाशी लेनी है। उस व्यक्ति के कहने पर मेरे द्वारा रामानन्द सिंह को फोन करने पर वह तत्काल कार्यालय आ गया और आते ही रामानन्द कहना शुरू कर दिया कि आयकर की रेड पड़ गयी है। सिस्टर मामले को मैनेज करिये, नहीं तो मामला बिगड़ जायेगा। रामानन्द के बातों में हामी मिलाते हुये आने वाला व्यक्ति मुझ पर दबाव बनाने लगा कि अभी मैं कार्यालय के अंदर अकेले आया हूं, यदि पूरी टीम अंदर आ गई तो कुछ भी मैनेज नहीं होगा, इसलिये जो बात करना है, अभी तत्काल करो। इतने में रामानन्द सिंह कहने लगा कि स्टाम्प के लिये चालान पटाने वाला जो 32 लाख रूपये आया है। उसका कोई कागज हमारे पास नहीं है, इसके अलावा और कोई पैसा नगद संस्था में नहीं है। इतने में वह व्यक्ति 32 लाख रूपये को दिखाने के लिये कहने लगा जबकि मैं 32 लाख रूपया अपने कार्यालय में नहीं होने की बात कह रही थी, लेकिन रामानन्द सिंह कहने लगा कि आयकर वालों को गलत जानकारी देना ठीक नहीं है। तलाशी लेंगे तो पैसा मिल जायेगा, फिर मामला मैनेज नहीं होगा, कहकर आलमारी में रखे 32 लाख रूपये की ओर ईसारा करके बताने लगा कि पैसा इसी आलमारी में रखा जाता है। आया हुआ आयकर अधिकारी दबाव देकर आलमारी की जांच करने के लिये कहकर खुलवाकर 32 लाख रूपया आलमारी से ले लिया और उसके बारे में मेरे को डांट-डपट करने लगा कि ये पैसा कहां से लाये हो, इसका कागज दो और रामानन्द सिंह उस व्यक्ति का हाथ-पैर जोड़ने लगा कि साहब आप इस पैसा को आप ले जाओ, ऐसे भी ये पैसा जप्त हो जायेगा और सिस्टर बुजुर्ग हैं, इनको परेशान मत करिये, कभी भी ये ऐसे लफड़े में नहीं फंसी है। कहकर 32 लाख रूपये के बैग को लेकर वह व्यक्ति निकल गया और रामानन्द सिंह मेरे को डराने-धमकाने लगा कि 32 लाख रूपये देकर आयकर वालों से पीछा छूट गया है। इस मामले में पुलिस ने दो युवक के खिलाफ 420 का अपराध कायम किया है। इस मामले में पुलिस जांच मे पाया गया कि रामानन्द सिंह, एवं राकेश गुप्ता ने योजनाबद्ध तरीके से राकेश गुप्ता को फर्जी आयकर अधिकारी बनाकर सिस्टर एलिजाबेथ से 32 लाख रूपये की ठगी किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा- 419,420,120(क्च) भा.द.वि. का अपराध पंजीबद्ध किया है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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