बिलासपुर। छ ग प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने शासकीय अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन की बैठक में अपने बेबाक शब्दों में कहा की राज्य सरकार बजट सत्र के पहले कर्मचारियों को किसी भी प्रकार का आर्थिक लाभ देने के मूड में नहीं है। श्री तिवारी ने बयान जारी कर बताया की कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन पर कर्मचारियों का विश्वास हैै परन्तु फेडरेशन के दो गुटों में बंटवारा होने का फायदा शासन उठा रही है। फेडरेशन के एक गुट ने शासन द्वारा बनी कमेटी के समक्ष तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलने पर कर्मचारियों के संतुष्ट और फेडरेशन के उक्त बैठक में शामिल 36 संघों के सहमत होने की बात कमेटी के समक्ष रखने की बात सामने आई है। श्री तिवारी ने आगे बताया कि छग शासन के अफसर एवं लोकशाही का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग अभी मध्य प्रदेश शासन के पिछलग्गू हैं, एवं पुरानी मानसिकता से उबर नहीं पाये है। चूंकि वर्तमान में मध्य प्रदेश सरकार मे डी ए 20% (छ ग से 3%अधिक) है, अत: छ ग सरकार भी मात्र 3% DA देने पर विचार कर रही है। बजट सत्र फरवरी मार्च से पूर्व उससे ज्यादा कुछ देने की सरकार की नीयत ही नहीं है।
वर्तमान में शासकीय अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन द्वारा आगामी आंदोलन की रूप रेखा को लेकर आयोजित बैठक में लिपिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने कहा कि प्रदेश भर कर्मचारियों के समक्ष अनिश्चितकालीन आंदोलन का ही एकमात्र रास्ता बचा है, मगर पूर्ण तैयारी करके एक साथ सभी संवर्गो को आंदोलन मे उतरना चाहिए। उन्होंने बताया कि विगत दिनों मिले 5% महगांई भत्ता के लिए भी उन्होंने पहले ही सबको सचेत कर दिया था, की पांच प्रतिशत महगाई भत्ते की शासन की तैयारी है परन्तु श्रेय की राजनीति के चलते सुनियोजित ढंग से एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करके श्रेय लेने का प्रयास किया एवं कर्मचारियों से छल करते हुये मात्र 5% महंगाई भत्ता वो भी जुलाई 2021 से लेकर मुख्यमंत्री का महिमामण्डन किया गया, जिसमे प्रत्येक कर्मचारियों के दो वर्षों का एरियर्स राशि का हजारों रुपये का नुकसान हुआ। वर्तमान मे भी इसी तरह का नुकसान एवं आर्थिक क्षति से गुजरने छग के कर्मचारियों मजबुर है
प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने बताया कि हक़ीक़त यह है कि फेडरेशन के दो फाड़ होने के कारण फेडरेशन की धार कमजोर हो गई है, एवं कर्मचारियों की जायज़ मांगो के संबंध में दोनों फेडरेशन के नेतृत्वकर्ता मजबूत संघर्ष कर सरकार को झुकाने में विफल रहे हैं। श्री रोहित तिवारी ने आगे कहा कि छग प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने लिपिक वर्ग की वेतन विसंगति निराकरण के लिए मुख्यमंत्री जी को अपने मंच पर बुलाकर घोषणा करवाई, जिस पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने पुष्टि भी कर दी है। मुख्यमंत्री जी के सरेआम मंच पर कमिटमेंट के बाद भी वेतनविसंगति दूर करने कमेटी बनाये जाने से लिपिक वर्ग सहमत नहीं है। लिपिकों के सक्रिय मंच ने पूर्व सरकार के समय भी ऐतिहासिक आंदोलन किया था, परिणाम स्वरूप तत्कालीन सरकार ही सत्ता से बेदखल हो गई। यदि लिपिक संवर्ग के साथ छलावे की पुनरावृत्ति हुई, तो आने वाले समय में लिपिक संवर्ग के आक्रोश का सामना सरकार को करना होगा। उन्होंने बताया की मुखमंत्री जी की घोषणा पर संघ को विश्वास है। सरकार से उन्होंने पुन: निवेदन क़िया की लिपिकों की माँग को कमेटी से पृथक करके सरकार द्वारा मुख्यमंत्री के कमिटमेंट को पूरा करने आदेश जारी किया जाये। कमेटी कर्मचारियों को दिग्भ्रमित एवं समय व्यतीत करने का माध्यम है, जो लिपिकों को स्वीकार नहीं है।
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