कोरबा। SECL कोरबा क्षेत्र के सुराकछार सब एरिया के खदान नंबर 3-4 में हुए हादसे में एक कामगार की मौत हो गई है। वह ड्रीलर के तौर पर काम करता था। उसे अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं मिल सकी। इसे लेकर सहकर्मियों और अन्य लोगों ने अस्पताल के सामने जमकर हंगामा किया। दूसरी ओर हादसे के बाद खदान की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे है।

अधिकारिक जानकारी के अनुसार 59 वर्षीय कर्मी रामचरण उरांव की सुराकछार खदान-4 में हुए हादसे में सांसे थम गई। कुदरीपारा बांकीमोंगरा में रहने वाला एसईसीएल कर्मी नाईट शिफ्ट में काम करने के लिए खदान गया हुआ था। खबर के अनुसार उरांव खदान में काम पर लगा हुआ था। उसी दरम्यान कन्वेयर बेल्ट के पास वह एकाएक स्लिप हुआ इससे कर्मी के सिर और अन्य हिस्सों में गंभीर चोंटे आयी। हादसे के दौरान धमाके जैसी आवाज सुनने के साथ खदान के दूसरे पैनल में काम कर रहे कर्मी हरकत में आये। उन्होंने मौके पर पहुंचकर देखा तो उरांव लहूलुहान स्थिति में पड़ा था। सहकर्मियों ने इस बारे में कॉलरी मैनेजर और माइनिंग सरदार को सूचना दी। आनन फानन में रेस्क्यु आपरेशन शुरू किया गया। घटना स्थल से ड्रीलर उरांव को बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे अस्पताल भिजवाया गया। तब तक उसकी सांसे थम चुकी थी। पीड़ित को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिलने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कामगारों के कहना है कि खदानों से होने वाले लाभ के बावजूद एसईसीएल के अधिकारी खदानों का प्रत्यक्ष जायजा लेने और वहां की समस्या जानने के प्रति गंभीर नहीं है। खदानों में क्या कुछ सुधार किया जाना है, इस पर दिलचस्पी नहीं ली जा रही है। अब 4 नंबर खदान में हादसा होने के साथ एक कर्मचारी की मौत हो गई है, ऐसे में एक बार फिर एसईसीएल के काम करने के तौर तरीके और सुरक्षा मापदंडों पर सवाल उठने रहे है।
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