गरियाबंद। एक सनकी पिता ने अपने 4 साल के मासूम बेटे को कुल्हाड़ी से काट दिया और फिर खुद फांसी के फंदे पर झूल गया। फांसी पर झूलने के पहले वह पूरे परिवार की भी हत्या करने की कोशिश की, लेकिन परिवार के लोग किसी तरह भागकर अपनी जान बचा ली।

मिली जानकारी के अनुसार घटना गरियाबंद जिले के अमलीपदर थाना क्षेत्र का है। ग्राम भेजीपदर पंचायत के नदीपारा में चंद्रशेखर धुरवा का परिवार निवास करता है। मानसिक रोग से ग्रस्त इस शख्स 1 दिसंबर की सुबह हाथ में कुल्हाड़ी लिये परिवार की हत्या करने की सनक में घूम रहा था। सनकी शख्स ने कुल्हाड़ी से परिवार की हत्या के लिए पत्नी और बच्चों को दौड़ाने लगा था। पति की मानसिक हालत बिगड़ता देख डरी-सहमी पत्नी चंपा अपने 4 साल के बेटे प्रेमलाल, 5 साल की बेटी रामयनी और 2 साल की बेटी टिकेश्वरी को लेकर किसी तरह अपनी जान बचाने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान दोपहर करीब 2 बजे चंद्रशेखर कुल्हाड़ी लेकर बड़े भाई के मकान में घुस आया। वहां बच्चों के साथ छिपी पत्नी के हाथ से अपने 4 साल के बेटे प्रेमलाल को उसने छीन लिया और घर ले जाकर कुल्हाड़ी से वार कर बच्चे की निर्मम हत्या कर दी। घटना के करीब आधे घंटे बाद जब घर के लोग कमरे में पहुंचे, तो उन्होने मासूम बच्चें की लहुलुहान लाश देखकर सख्तें में आ गये। इस दौरान एक बार फिर चंद्रशेखर धुरवा पत्नी और बेटियों की हत्या करने के लिए उनके पीछे लग गया। तब परिवार के लोगों ने घर से बस्ती में भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शाम के वक्त सनकी शख्स ने घर के समीप पेड़ पर खुद भी फांसी के फंदे पर झूल गया। पुलिस ने इस हत्याकांड और खुदकुशी के मामले में अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। अमलीदापर थाना में बच्चे की हत्या के आरोप में पिता चन्द्रशेखर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरApril 1, 2026अवैध संबंध के शक में बवाल, एक घर में तीन लोग तलवार लेकर घुसे और किया जानलेवा हमला, एक की मौत 7 घायल, तीनो आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुरApril 1, 2026प्रेमी ने अपनी प्रेमिका को ट्रेन से धक्का देकर मार डाला, भगाकर ले जा रहा था, लेकिन ट्रेन में हो गया विवाद
शिवरीनारायणMarch 31, 2026राजेश्री महन्त ने डेंटल केयर एंड फिजियोथैरेपी का किया शुभारंभ, बटुकों के उपनयन संस्कार में भी हुए शामिल
बिलासपुरMarch 31, 2026राहगीरों से लूटपाट करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, चकरबेड़ा व डगनिया के बीच करते थे लुट
