कुरदर में बाघ की दहाड़ और कोटा में तेंदुए की चहलकदमी, बाघ ने भैंस और तेंदुए ने बैल को बनाया अपना शिकार

बेलगहना। कोटा से लेकर ATR के पूरे क्षेत्र में बाघ और तेंदुए की धमक से ग्रामीणों में जहां दहशत का माहौल है वहीं वन विभाग के अधिकारियों जिज्ञासा की लहर। विभाग के अधिकारी बाघ की मौजूदगी को पुष्ट करने के लिए रात-दिन गस्त कर रहे है। आखिरकार उन्हें बाघ और तेंदुए के प्रमाण मिल गए है। तेंदुआ तो कैमरे में ट्रेप हो गया है।

ATR में बाघ के शावक की मौत के बाद पूरा वन महकमा उन्हें ढूंढने के लिए जंगल-जंगल घूम रहे है। विभाग के अधिकारियों को कभी बाघ की दहाड़ सुनाई देता है तो कभी फुटप्रिंट दिखाई देता है। लेकिन बाघ न तो उन्हें दिखाई दे रहा था और न ही किसी ग्रामीणों को दिखाई दिया। लेकिन 5 दिसम्बर को वन विभाग के अधिकारियों के लिए अच्छी खबर आई और बाघ के आसपास होने के पुख्ता प्रमाण मिले। ATR के SDO ललित दुबे के अनुसार कुरदर-उमरिया के जंगलों में बाघ मौजूद है यहां एक किसान चैन सिंह के भैस को बाघ ने अपना शिकार बनाया है। इसी तरह पिछले कुछ दिनों से कोटा के आसपास गांवों में तेंदुए की धमक सुनाई दे रही थी। कभी कहा गया कि दिखने वाला वन्यप्राणी बाघ है तो कभी कहा गया तेंदुआ है। वह विभाग ने देखे गए स्थानों पर ट्रेप कैमरा लगाया और देर से ही सही इसमें तेंदुआ ट्रेप भी हो गया और दसरू के बैल पर हमला किया और उठाकर ले भी गया। वन विभाग के अधिकारियों ने जिन-जिन क्षेत्रों में बाघ और तेंदुए को देखा गया है या उनके होने की संभावना है उन क्षेत्रों के गांवों में मुनादी करा दी गई है। लोगों को सतर्क रहने के लिए कह दिया गया है।ग्रामीणों को समझाइश दी गई है कि अकेले घर से बाहर ना निकले, अनावश्यक ना घूमें एवं समूह में ही निकल कर कोई कार्य करें।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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