निलंबित IPS जीपी सिंह 3 दिन की रिमांड पर गए जेल, कोर्ट में पेश करने के पहले किया गया मेडिकल टेस्ट

रायपुर। निलंबित IPS जीपी सिंह को 3 दिन के लिए रिमांड पर जेल भेज दिया है। ACB ने रीना अग्रवाल के कोर्ट से 7 दिन की रिमांड देने का अनुरोध किया था लेकिन कोर्ट ने केवल 3 दिन की ही रिमांड दी है।
निलंबित सीनियर आईपीएस जी पी सिंह को स्पेशल जज रीना अग्रवाल की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेश करने से पहले एंटी करप्शन ब्यूरो के दफ्तर में उनसे डेढ़ घंटे तक पूछताछ की गई। एसीबी ने उन्हें कोर्ट में पेश कर 7 दिनों की रिमांड मांगी है। जज के कमरे में जाने से पहले जीपी सिंह ने कहा कि मुझे फंसाया गया है। एफआईआर में आप देखोगे तो उसमें जो प्रॉपार्टी है हमारी प्रापॅर्टी है ही नहीं, न हमारा लेना देना है। हालांकि जज लीना अग्रवाल की कोर्ट ने 14 जनवरी पुलिस की रिमांड पर जीपीसिंह को भेजने का आदेश दिया। आपको बता दें कि निलंबित IPS जीपी सिंह को मंगलवार शाम को पुलिस ने सुनोयोजित तरीके से गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद अब ACB/EOW की टीम सिंह को लेकर रायपुर पहुँचे है। जीपी सिंह को EOW के कार्यालय में डेढ़ घंटे पूछताछ के लिए रखा गया था। इसके बाद निलंबित IPS जी पी सिंह को मेडिकल जाँच के बाद कोर्ट में पेश किया गया। गौरतलब है कि 1 जुलाई को सुबह सुबह ACB और EOW की सयुंक्त टीम ने रायपुर, राजनांदगांव और ओडिशा में एक साथ छापा मार कार्रवाई की थी। इसके बाद जीपी सिंह पर एफआईआर पंजीबद्ध की गई। दूसरे दिन शुक्रवार को दिन भर की जांच के बाद 5 करोड़ की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ। 10 करोड़ की संपत्ति मिलने और इसके बढ़ने की आधिकारिक जानकारी दी गई। संपत्ति के साथ-साथ एक डायरी के कुछ पन्नों में यह तथ्य भी मिला था कि वे संवैधानिक रूप से गठित सरकार के खिलाफ घृणा और असंतोष को बढ़ावा देने के लिए षड्यंत्र रच रहे थे। जानकारों के अनुसार डायरी के पन्नों यह उल्लेखित था कि सरकार को गिराने के लिए विभिन्न समाज के लोगों को कैसे भड़काया जा सकता है। वही रायपुर में एक युवक से मारपीट, भिलाई में सरेंडर करने वाले नक्सल कमांडर से रुपयों का लेन-देन, रायपुर में एक केस में आरोपी की मदद का इल्जाम भी जीपी सिंह पर लगा है। इन सभी पुराने केस की फिर से जांच की जा रही है। ये सभी मामलों के बीच 5 जुलाई को राज्य सरकार ने आईपीएस जीपी सिंह को एक आरोप पत्र में यह लिखते हुए निलंबित कर दिया कि एक अफसर से ऐसी अपेक्षा नहीं थी।
छापे में जीपी सिंह के बैंक मैनेजर दोस्त मणि भूषण के घर से एक 2 किलो सोने की पट्टी जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ है। कारोबारी प्रीतपाल सिंह चंडोक के बेडरूम से 13 लाख रुपए के बंडल, राजनांदगांव में चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश बाफना के ऑफिस से जीपी सिंह की पत्नी और बेटों के नाम 79 बीमा दस्तावेज, एक से अधिक एचयूएफ अकाउंट जिनमें 64 लाख रुपए हैं, 17 बैंक खाते जिनमें 60 लाख जमा हैं। पीपीएफ अकाउंट जिनमें 10 लाख रुपए हैं। मल्टीनेशनल कंपनियों में 1 करोड़ से अधिक की राशि जमा की गई है। जीपी सिंह की पत्नी और बेटे के नाम पर डाकघर में 29 अकाउंट हैं जिनमें 20 लाख से अधिक की राशि जमा है। जीपी सिंह के परिवार ने 69 बार शेयर और म्युचुअल फंड्स में बड़ी राशि 3 करोड़ का इंवेस्टमेंट किया। उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर हाईवा, जेसीबी, कांक्रीट मिक्सचर मशीन जैसी 65 लाख की गाड़ियां खरीदी गई हैं। जीपी सिंह के नाम पर दो प्लॉट, एक फ्लैट, उनकी पत्नी के नाम पर दो मकान, मां के नाम पर 5 प्लॉट एक मकान, पिता के नाम पर 10 प्लॉट, 2 फ्लैट मिले हैं। लगभग 49 लाख के डेढ़ दर्जन से अधिक लैपटॉप, कंप्यूटर, आईपैड और महंगे मोबाइल फोन मिले हैं।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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