दर्रीघाट में टाकेश्वर पाटले और नागेंद्र राय का आतंक, ग्रामीणों की शिकायत पर क्यों खामोश है पुलिस…? ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पुलिस को कितना पैसा चाहिए..?

बिलासपुर। दर्रीघाट और उसके आसपास के गांवों में कांग्रेस के जिला सचिव टाकेश्वर पाटले और नागेंद्र राय का आतंक है। आम आदमी को धमकाना और जमीन-मकान पर कब्जा करना उनके लिए आम बात है। थाने में उनके खिलाफ शिकायत तक लेने के लिए कोई तैयार नहीं है। पिछले दिनों दर्रीघाट के ग्रामीणों ने दोनों के खिलाफ गंभीर शिकायतें IG, SP और कलेक्टर से की थी लेकिन तीन महीने बाद भी उनकी शिकायतों पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। आखिर पूरा सिस्टम ग्रामीणों की शिकायत पर खामोश क्यों है ? क्या पूरी पुलिस उनके सामने घुटने टेक चुकी है ?

नवंबर 2021 में दर्रीघाट के 4 सौ से अधिक ग्रामीणों ने SP, IG और कलेक्ट्रेट पहुंचकर कांग्रेस के जिला सचिव टाकेस्वर पाटले और ब्लाक अध्यक्ष नागेंद्र राय के खिलाफ गंभीर शिकायत की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों मिलकर गांव के लोगों को धमकाते है, गाली गलौच करते है, लोगों की जमीन पर जबरिया कब्जा कर रहे है, महिलाओं के साथ छेड़खानी कर रहे है, प्रतिरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे है। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि गांव के पटवारी को अपने प्रभाव में लेकर राजस्व रिकार्ड से भी छेड़छाड़ कर रहे है। इसके बाद किसी की भी जमीन को अपना बताकर जमीन छोड़ने के लिए धमका रहे है। थाने में शिकायत करने पर उनके खिलाफ शिकायत भी नहीं ले रहे है। ग्रामीणों को धमकाते हुए कहते है कि शासन-प्रशासन मेरी मुट्ठी में है, पुलिस को मैं पैसा खिलाता हुं। मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में टाकेस्वर पाटले और नागेंद्र राय से सुरक्षा की मांग की थी और कहा था कि लोगों की जान खतरे में है कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है। ग्रामीणों की इस शिकायत को तीन महीना होने को है लेकिन अभी तक SP, IG और कलेक्टर ने कोई संज्ञान नहीं लिया है। जबकि गांव के लोग 24 घंटे दहशत में रहते है। अपनी जमीन और मकान पर कब्जा को लेकर चिंता में रहते है। अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या वास्तव में शासन-प्रशासन दोनों की मुट्ठी में है ? क्या ग्रामीणों की शिकायत को संज्ञान में लेने से IG, SP और कलेक्टर भी कांप रहे रहे है ? या फिर वास्तव में दोनों मिलकर पुलिस को पैसा खिला रहे है। यदि पुलिस को पैसा ही चाहिए तो उन्हें ग्रामीणों को बताना चाहिए कि उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस को कितना पैसा चाहिए ?

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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