बिलासपुर। टाकेश्वर पाटले और नागेंद्र राय सत्ताधारी दल कांग्रेस का पद लेकर खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे है और जिले के जिम्मेदार नेता खामोश है। क्या पार्टी अगला चुनाव गुंडागर्दी के दम पर चुनाव जितना चाहती है या फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बदनाम करने के लिए सुनियोजित साजिश चल रही है।
2018 के चुनाव में कांग्रेस ने भारी बहुमत से चुनाव जीतकर प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुई है। तात्कालिक प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया और संगठन की बागडोर तेज तर्रार नेता मोहन मरकाम को सौप गया है। ताकि सत्ता और संगठन दोनों बेहतर चले। श्रीबघेल ने शपथ लेने के तत्काल बाद किसानों का कर्जा माफी किया फिर ढाई हजार रुपए क्विंटल में किसानों का धान खरीदकर इस अमीर धरती की गरीब जनता को संपन्न बनाने का साहसिक कदम उठाया। इसके बाद वो यहीं नही रुके छत्तीसगढ़ की जनता को सक्षम और समर्थ बनाने के लिए एक के बाद एक ढेरों योजनाए लागू की। इसका नतीजा ये रहा कि कांग्रेस की लोकप्रियता बढ़ती गई और बढ़ती ही जा रही है। लेकिन सत्ता में आते ही कहीं-कहीं कुछ गुंडातत्व संगठन में जगह पाने में सफल हो गए है, जो मुख्यमंत्री के सारे किए कराए पर पानी फेर रहे है। ऐसे ही कुछ असामाजिक तत्व बिलासपुर जिले के संगठन में पद लेकर खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे है। बात हो रही है मस्तूरी क्षेत्र की जहां कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष के पद पर नागेंद्र राय और जिला सचिव के पद पर टाकेश्वर पाटले बैठे हुए है। इन दिनों का पिछला आपराधिक रिकार्ड कांग्रेस के सारे नेता जानते है इसके बाद भी इन्हें पद से नवाजा जाना किसी बड़े षडयंत्र की ओर इशारा कर रहा है। सत्ताधारी पार्टी के संगठन में जिम्मेदारी मिलते ही इनके हौसले और बुलंद हो गए है और संगठन से मिली पद को वे गुंडागर्दी का लाइसेंस समझ लिए है। दर्रीघाट, लिमतरा, लालखदान, खपरी समेत आसपास के दर्जनभर गांव में ये खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे है मानो इन्हें कांग्रेस ने गुंडागर्दी करने का लाइसेंस दे दिया हो। लोगो की जमीन, मकान, दुकान पर बलात कब्जा करना इनके रोज का काम हो गया है। विरोध करने पर मारपीट की जा रही है और जान से मारने तक कि धमकी दी जा रही है। अब सवाल ये उठता है कि ऐसे गुंडागर्दी चलती रही तो आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का क्या होगा ? क्या कांग्रेस इन गुंडों के दम पर चुनाव जीतना चाहती है या फिर अपने काम के दम पर ? या फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ कोई सुनियोजित सियाशी षडयंत्र करके माहौल खराब किया जा रहा है। यदि कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए गंभीर है तो ऐसे पदाधिकारियों से समय रहते पिड छुड़ा लेने में ही भलाई है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। क्योंकि सत्ता के लिहाज से भूपेश बघेल का परफार्मेंश शानदार है लेकिन संगठन में बैठे लोग यदि मठा डालने लगे तो सत्ता में दूसरी पारी खेलने का सपना अधूरा रह जाएगा। साथ ही जिले के नेताओं को भी सोचना होगा कि इनकी गुंडागर्दी का असर आने वाले विधानसभा चुनाव में कितना पड़ेगा।
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