क्या हमारे ये बुजुर्ग अलग छत्तीसगढ़ राज्य की लड़ाई इसीलिए लड़े थे …? दर्रीघाट और आसपास के गांवों में जिला सचिव और ब्लाक अध्यक्ष का आतंक

बिलासपुर। दर्रीघाट में कांग्रेस के जिला सचिव और ब्लाक अध्यक्ष खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे है। लोगों की जमीन और मकान पर बलात कब्जा करना, लोगों को धमकाना आम बात हो गई। सवाल ये उठ रहा है कि क्या हमारे बुजुर्गों ने अलग छत्तीसगढ़ राज्य की लड़ाई इसीलिए लड़ी थी की उनके बच्चों की जमीन-जायदाद पर गुंडातत्व बलात कब्जा करे और वो न्याय पाने के लिए दर-दर भटके।

शहर से लगा दर्रीघाट गांव पिछले कुछ महीनों से सुर्खियों में है। विशेषकर कांग्रेस के जिला सचिव टाकेश्वर पाटले के निवास पर डकैती के बाद लगातार चर्चा में है। डकैतीकांड का खुलासा तो पुलिस ने कर दिया है। लेकिन इस डकैती कांड ने क्षेत्र में चल रहे गुंडागर्दी को उजागर कर दिया है। डकैतीकांड के आरोपियों के बयान से साफ हो गया है कि वो टाकेश्वर पाटले को सबक सिखाने के लिए घटना को अंजाम दिया है। पाटले के खिलाफ गुस्सा का यह पहला मामला नहीं है आसपास के दो दर्जन से ज्यादा गांव में जिला सचिव टाकेश्वर पाटले और ब्लाक अध्यक्ष नागेंद्र राय के आतंक से दहशत में है। यही नहीं पूरा क्षेत्र भय, आतंक और गुस्से में सुलग रहा है। जिला सचिव के घर डकैती पड़ने के लगभग दो-ढाई महीने पहले आसपास के दर्जनभर गांव के ग्रामीण ट्रेक्टर में भरकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। ग्रामीणों ने दोनों के आतंक की ब्यथा-कथा कलेक्टर, SP और रेंज के IG के सामने रखी थी। अपने लखित शिकायत में ग्रामीणों ने दोनों के आतंक से बचाने की गुहार लगाई थी। लेकिन ग्रामीणों की कोई सुनवाई नही हुई। कांग्रेस के जिला सचिव टाकेश्वर पाटले ने अपने ही गांव के किसान हर्षवर्धन गुप्ता और कीर्तिवर्धन गुप्ता की शमिलात 5 एकड़ 49 डिसमिल जमीन पर बलात कब्जा कर आया है। शिकायत पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कि गई है। जिस किसान की जमीन पर कांग्रेस के जिला सचिव ने कब्जा किया है वह स्व साधुलाल गुप्ता का परिवार है। स्व गुप्ता वही शख्स है जिसने कांग्रेस के जानेमाने नेता स्व चंदूलाल चंद्राकर के परम मित्र थे। छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने की लड़ाई दोनों कंधे से कंधा मिलाकर लड़े थे। अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या हमारे ये बुजुर्ग अलग राज्य बनाने की लड़ाई इसीलिए लड़े थे कि अलग रही बनने के बाद उनके बाद उनके बच्चों की जमीन-जायदाद पर लोग बलात कब्जा कर और उनके बच्चे न्याय पाने के लिए दर-दर की ठोकर खाए ….?

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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